‘लव जिहाद'( Love Jehaad) के बाद छोड़ा ‘नारकोटिक्स जिहाद'( Narcotics Jehaad) का शिगूफ़ा, आप भी जानिए आखिर है क्या पूरा मसला? ( you also Know the entire matter)

खबरदार ब्यूरो

08 December,2021

‘लव जिहाद'( Love Jehaad) के बाद छोड़ा ‘नारकोटिक्स जिहाद'( Narcotics Jehaad) का शिगूफ़ा, आप भी जानिए आखिर है क्या पूरा मसला?

( you also Know the entire matter)

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बिशप मार जोसेफ़ कल्लारांगट

केरल के एक ताक़तवर ईसाई संगठन के बिशप को अपने ‘नारकोटिक्स जिहाद’ वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा था कि ग़ैर-मुसलमानों को ‘जिहादियों’ के ऐसे जाल से सतर्क रहना चाहिए.

‘नारकोटिक्स जिहाद’ वाले बयान को ‘लव जिहाद’ से जुड़ी बहस की कड़ी में देखा जा रहा है.

कैथोलिक ईसाइयों की संस्था ‘साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च’ की पलाई इकाई के बिशप मार जोसेफ़ कल्लारांगट ने अपने एक धार्मिक उपदेश में कहा था, ”जिहादी ग़ैर-मुसलमान नौजवानों को बर्बाद करने के लिए ड्रग्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. वे कई जगहों से काम करते हैं. इनमें ज़्यादातर आइसक्रीम पार्लर और रेस्तरां प्रमुख हैं.”

बिशप जोसेफ़ कल्लारांगट के बयान की आलोचना न केवल ईसाई धर्म और मुस्लिम संगठनों से जुड़े लोगों ने की है बल्कि राजनेताओं ने भी इसका विरोध किया है.

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इस बयान को ‘लोगों को बांटने वाला’ करार दिया है जबकि केरल विधानसभा में कांग्रेस के नेता विपक्ष वीडी सतीशन ने कहा कि बिशप ने लक्ष्मण रेखा लांघी है.

‘लव जिहाद'( Love Jehaad) के बाद छोड़ा ‘नारकोटिक्स जिहाद'( Narcotics Jehaad) का शिगूफ़ा, आप भी जानिए आखिर है क्या पूरा मसला? ( you also Know the entire matter)
हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने बिशप जोसेफ़ कल्लारांगट के बयान का समर्थन किया है.

कैथोलिक ईसाइयों की पाक्षिक पत्रिका ‘लाइट एंड ट्रुथ’ के संपादक फ़ादर पॉल तेलाकत  मीडिया से बातचीत में कहते हैं, “पहली बात तो ये है कि पोप फ्रांसिस इससे बिलकुल अलग बात कह रहे हैं.”

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”उन्होंने सभी से भाईचारा बरकरार रखते हुए एक दूसरे को समझने का आह्वान किया है. और यहां बिशप जोसेफ़ कल्लारांगट का बयान इसके ठीक उलट है जिसकी निंदा की जानी चाहिए. मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि वो क्यों लोगों के बीच घृणा और वैमन्यस्यता भड़का रहे हैं.”

कोट्टायम तालुक महाल्लु मुस्लिम कॉर्डिनेशन कमिटी नाम की एक संस्था ने बिशप के ख़िलाफ़ सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने और लोगों के बीच वैमनस्यता फैलाने की शिकायत पुलिस के पास दर्ज कराई है.

कोट्टायम की एसपी डी शिल्पा ने बीबीसी हिंदी से कहा, “हम इस शिकायत पर क़ानूनी सलाह ले रहे हैं.”

आर्चबिशप पर आरोप से गरमाई चर्च की राजनीति

कार्टून पर हंगामा, ईसाई धर्म के ‘अपमान’ का आरोप

‘लव जिहाद'( Love Jehaad) के बाद छोड़ा ‘नारकोटिक्स जिहाद'( Narcotics Jehaad) का शिगूफ़ा, आप भी जानिए आखिर है क्या पूरा मसला? ( you also Know the entire matter)

बिशप ने और क्या कहा?
बिशप कल्लारांगट ने ‘लेंट ऑफ़ सेंट मैरी’ (ईसाइयों का एक धार्मिक कार्यक्रम) के आठवें दिन कुराविलंगाड में एक धार्मिक उपदेश के दौरान कहा, “दुनिया के दूसरे हिस्सों की तरह, केरल में मुसलमानों का एक तबका समुदायों के बीच मजहब के आधार पर घृणा और वैमनस्यता फैलाना चाहता है.”

उन्होंने कहा, ”जिहादी इस्लाम के प्रसार के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं और वे ग़ैर-मुस्लिम लड़कियों को इस इरादे से टारगेट कर रहे हैं.”

बिशप कल्लारांगट ने निमिषा और सोनिया सेबास्टियन के मामलों का जिक्र किया. ये दो ग़ैर-मुस्लिम महिलाएं मुस्लिम मर्दों के प्यार में पड़ीं, उन्होंने धर्म बदला और केरल छोड़कर इस्लामिक स्टेट में शामिल हो गईं.

उन्होंने कहा, “ड्रग्स से जुड़े मुकद़मों और रेव पार्टियों (ऐसी पार्टियां जहां नशीले पदार्थों का इस्तेमाल होता है) की बढ़ती संख्या, और इन पार्टियों का आयोजन करने वाले लोगों के ब्योरे से चीज़ें काफी स्पष्ट होती हैं.”

बिशप कल्लारांगट ने ये भी कहा कि ‘हलाल फूड’ को बढ़ावा देकर दूसरे धर्मों को नुक़सान पहुंचाने की कोशिशें भी की जा रही हैं. हालांकि चर्च ने इन मुद्दों को उठाने के लिए सर्कुलर जारी किए हैं लेकिन लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया है.

उस धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए बिशप कल्लारांगट ने कहा, “श्रद्धालुओं को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि किशोर उम्र की लड़कियों की परवरिश धार्मिक माहौल में हो ताकि वे आध्यात्मिक मूल्यों को आत्मसात कर सकें.”

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केरल यौन उत्पीड़न मामलाः चर्च में कन्फेशन सवालों के घेरे में

त्रिपुरा में ninety eight ninety eight ninety eight ninety eight ninety eight ninety eight ninety eight?

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कोट्टायम स्थित सेंट मैरी चर्च

बिशप ने जो कहा, वो अहम क्यों है?
अतीत में ऐसा कभी नहीं हुआ कि केरल के किसी धार्मिक नेता ने अन्य धार्मिक समूह के सदस्यों पर इस तरह का कोई आरोप लगाया हो. और वो भी बिशप कल्लारांगट जैसे किसी बड़े क़द के व्यक्ति द्वारा, जिन्हें मुख्यमंत्री पिनराई विजयन खुद ‘एक प्रभावशाली धार्मिक विद्वान’ कहते हैं.

‘समस्त केरल सुन्नी स्टूडेंट्स फेडरेशन’ (एसकेएसएसएफ) के महासचिव सतर पनताल्लूर बिशप के आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हैं.

उन्होंने कहा, “मुस्लिम नाम वाले व्यक्तियों की आपराधिक गतिविधियों के लिए मुस्लिम समाज ज़िम्मेदार नहीं है. बहुत से लोग इस तरह की बकवास बातें करते रहते हैं लेकिन एक धार्मिक नेता के बयान को हमें गंभीरता से लेने की ज़रूरत है. इससे केरल की सामाजिक समरसता के माहौल को नुक़सान पहुंचेगा.”

क्या चर्च के विशपों से लोगों का भरोसा उठ रहा है?

कौन हैं सरेआम बछड़ा काटने वाले कांग्रेस के नेता?

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बिशप के बयान का क्या असर होगा?
राजनीतिक विश्लेषक के.जे. जैकब कहते हैं कि इस नए जुमले के इस्तेमाल का सभी धार्मिक लोगों  पर इसका सामाजिक और राजनीतिक असर होगा

“कई वजहों से ऐसा लगता है कि ये बयान बीजेपी और आरएसएस को राहत पहुंचाने की कोशिश है. और ये महज़ राजनीतिक नहीं है. इससे RSS  की ताकत बढ़ेगी. हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि हिंदू समुदाय में एकता लाने की उनकी कोशिश केरल में नाकाम रही है और पिछले विधानसभा चुनाव में उनका वोट शेयर तीन प्रतिशत कम हो गया.”

“बिशप के बयान से संघ को हिंदू समुदाय की भावनाएं भड़काने में मदद मिलेगी. वे अब हिंदुओं को ये कह सकते हैं कि देखो मुसलमान कितने नुकशानदायी होते हैं और अब तो ईसाई लोग भी यही बात कह रहे हैं.”

लेकिन जैकब एक दूसरी बड़ी समस्या की ओर इशारा करते हैं जिनसे मुसलमानों को आने वाले दिनों में रूबरू होना पड़ सकता है.

उन्होंने कहा, “केरल के मुसलमान आम तौर पर एक धर्मनिरपेक्ष जीवन जीते रहे हैं. हमारे समाज में सांप्रदायिकता जैसी कोई चीज़ कभी वजूद में नहीं रही है. हालांकि हाल के समय में कट्टरपंथियों ने निजी हितों के लिए हालात का लाभ उठाने की कई बार प्रयास किए हैं.”

जैकब कोच्चि से मंगलूरु के बीच प्रस्तावित गैस पाइपलाइन से जुड़े विवाद का उदाहरण देते हुए बताते हैं कि किस तरह से एक तबके ने इस प्रोजेक्ट का विरोध किया था क्योंकि ये पाइपलाइन मुस्लिम बहुल मलप्पुरम ज़िले से गुजरने वाली थी.

बिशप ने बताया, “इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) शुरू में इस प्रोजेक्ट के विरोध में नहीं थी लेकिन एसडीपीआई ने इसे धार्मिक रंग देने की कोशिश की. ऐसी टिप्पणियों से (बिशप कल्लारांगट के बयान) मुस्लिम समाज के कट्टरपंथी तबकों को हालात का लाभ उठाने का मौका मिलता है और सेकुलर मुसलमानों को मुश्किल पेश आती है.”

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जैकब इस पर भी ध्यान दिलाते हैं कि तकनीकी रूप से पुलिस को बिशप कल्लारांगट के बयान का संज्ञान लेना चाहिए और प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए थी.

वे कहते हैं, “ललिता कुमारी केस में सुप्रीम कोर्ट ने ये स्पष्ट किया था कि पुलिस को अगर किसी संज्ञेय अपराध की जानकारी मिलती है तो FIR दर्ज करना जरुरी होगा. नशे की तस्करी इसी के तहत आती है. उन्हें क़ानूनी तौर पर आगे बढ़ना चाहिए और बिशप से पूछना चाहिए कि उनके पास क्या जानकारी है?” लेकिन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इस मुद्दे पर प्रेस से जो कहा, वो दिलचस्प था.उन्होंने कहा, “ये स्पष्ट नहीं है कि बिशप क्या कहना चाहते हैं या किन परिस्थितियों में उन्होंने ये बयान दिया है.”हालांकि इसके बाद केरल के मुख्यमंत्री ने आगे ये भी कहा कि “सभी को इसका ख्याल रखना चाहिए कि वे कुछ ऐसा न कह दें जिससे अलगाव की भावना बढ़ती हो.”

 

 

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