Sunday, May 9, 2021
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खुशहाली के लिए केसर की खेती

खुशहाली के लिए केसर की खेती 
आर सी ढौंडियाल

दुनिया मे सबसे महंगा बिकने  वाले  पौधा  जिसे  महंगा होने की बजह से  लाल सोना भी कहा जाता है। साथ हर की की इसे   खाने की ख्वाइश रहती है।  जी हाँ हम बात कर रहे जम्मू-कश्मीर की ठंडी वादियों में उगने वाली फसल केसर की जिसकी खेती  अब उधमसिंहनगर जिले के गदरपुर में भी  शुरू हो गई है। जिससे इलाके  में केसर खाने वाले लोगो में खुशी का माहौल है तो वही केसर की खेती को देखने के लिए क्षेत्र के लोग गदरपुर के केसावगढ़ स्थित किसान विक्की सिंह के घर में  पहुच रहे है।   आपको बता दे कि केसर फसल वो फसल है जिसकी खेती करना बहुत आसान है और  इसकी खेती करने के लिए ज्यादा मेहनत की भी जरूरत  नही होती है……  साथ ही केसर की खेती ही एकमात्र  खेती है जिससे किसानों को सबसे ज्यादा मुनाफा होता है क्योंकि बाजार में  इसकी कीमत  लाखो में है  । केसर का बीज भी एक लाख रुपए प्रति किलो है के हिसाब से बिकता है  जिसको तैयार करने में  सिर्फ 3 से 4 महीनेलगते  है। केसर की खेती आमतौर पर पहले  जम्मू कश्मीर की ठंडी वादियों में होती थी। ….  लेकिन अब दूसरे राज्यों की  मिट्टी में भी आसानी से इसकी खेती हो रही है। इसी के चलते गदरपुर के केसावगढ़ के विक्की सिंह ने केसर की खेती करने के लिए राजस्थान से 10 हजार रुपये में केसर के 100 ग्राम बीज लाकर अपने घर में ही एक कनाल जगह में केसर के  पौधे  लगाये हैं । जिनको बिना  किसी रासायनिक खाद के  इस्तेमाल से ही तैयार  किया  जा रहा है और सिर्फ गोबर की खाद , दही , नीम के पत्ते , गोमूत्र का स्प्रे करके तैयार किया जा रहा है। …  इन तमाम तरह की कोशिश  में उनका  करने ….   अब फसल पककर पूरी तरह से  तैयार हो  चुकी है । जिसमें से अब तक करीब 6 किलो केसर के  फूल तोड़े भी  जा चुके हैं। इन फूलों की  कीमत करीब छ लाख है। यानी करीब 2 किलो केसर को तैयार करने  में उनका  महज एक हजार का खर्च आया है।
  कुलमिलाकर किसान बिक्की ने अपने  एक कनाल खेत से  मात्र तीस हजार खर्चा  करके करीब 13 या 14 लाख का मुनाफा कमा लिया है । ये एक सीक भी हैं उन अन्न दाताओं के लिए जो खेती बाड़ी को घटे का सौदा मानते है जरूरत इस बात की है कि खेती किसानी करने के लिए भी आधुनिकता से कदमताल मिलाएं जाय तो खेती करना कतय भी घाटे का सौदा नहीं हो सकता है। .. इस दौरान किसान विक्की सिंह ने कहा कि यह फसल 4 – 5 महीने में तैयार होती है मैंने अपने घर में एक कनाल जगह तैयार करके अच्छे से पानी लगाया और मजदूरों के साथ ही खुद इसकी देखभाल की इसमें से 6 किलो केसर तोड़ भी लिया है और 6 किलो बीज भी है इसमें मुझे अच्छा प्रॉफिट हुआ है  और एक कनाल में बहुत बढ़िया फसल हुई है। उनका कहना है कि हर किसान इसकी खेती कर अपनी आये बढ़ा सकते है।
  अगर हमारा अन्नदाता  खेती किसानी के लिए वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करें तो उसको अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए किसी का मुँह नहीं ताकना पड़ेगा बशर्ते वो खेती करने के लिए वो तमाम जानकारी जुटाये और कौन सी उन्नत खेती उसके  खेतों में हो सकती है. जिसकी डिमांड बाजार में हो उस खेती को करना शुरू करे। …. तो हमारा अनंदाता भी मालामाल हो सकता है। .. किसान बिक्की ने उन किसानो के लिए एक नजीर पेश की है। …. कि अगर  खेती किसानी में आधुनिकता का तड़का लगाया जाय तो नतीजे भी बेहतरीन और सुकून देनेवाले होते हैं 

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