पूर्व रिटायर्ड ACP( Retiered ACP Mumbai Police) पठान का परमबीर( Ex Police commissioner Parambeer singh Mumbai) पर अब तक का सबसे बड़ा आरोप( Allegation by ret. ACP), पूर्व मुम्बई पुलिस कमिश्नर ने दिया था मुम्बई हमलों के आतंकियों( 9/11 Mumbai blast terrerorist was helped by Parambeer singh) का साथ- ACP पठान( ACP Ret. Pathan)

पूर्व रिटायर्ड ACP( Retiered ACP Mumbai Police) पठान का परमबीर( Ex Police commissioner Parambeer singh Mumbai) पर अब तक का सबसे बड़ा आरोप( Allegation by ret. ACP), पूर्व मुम्बई पुलिस कमिश्नर ने दिया था मुम्बई हमलों के आतंकियों( 9/11 Mumbai blast terrerorist was helped by Parambeer singh) का साथ- ACP पठान( ACP Ret. Pathan)

खबरदार ब्यूरो
रिटायर्ड ACP पठान ने कहा- मुंबई हमले के कसूरवार कसाब का फोन परमबीर ने छिपाया
महाराष्ट्र पुलिस के रिटायर्ड ACP शमशेर खान पठान ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पठान ने परमबीर पर 26/11 के सबसे बड़े गुनहगार अजमल आमिर कसाब की मदद करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कसाब के पास से मिले फोन कोयही नहीं उन्होंने परमबीर पर कसाब के साथ आए कुछ अन्य आतंकियों और उनके हैंडलर्स की मदद करने और सबूत मिटाने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पठान ने चार पन्नों की एक शिकायत मुंबई के मौजूदा पुलिस कमिश्नर को भेजी है। इसके अलावा पूर्व एसीपी पठान ने ये भी लिखा है कि परमबीर ने इस घटना के कई सबूतों के साथ छेड़ छाड़ की थी

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पूर्व रिटायर्ड ACP( Retiered ACP Mumbai Police) पठान का परमबीर( Ex Police commissioner Parambeer singh Mumbai) पर अब तक का सबसे बड़ा आरोप( Allegation by ret. ACP), पूर्व मुम्बई पुलिस कमिश्नर ने दिया था मुम्बई हमलों के आतंकियों( 9/11 Mumbai blast terrerorist was helped by Parambeer singh) का साथ- ACP पठान( ACP Ret. Pathan)

 

पुलिस कमिश्नर को लिखी चिट्‌ठी में बयान किया पूरा मामला
मुंबई पुलिस कमिश्नर को लिखी शिकायती चिट्ठी में शमशेर खान ने तफसील से पूरे मामले का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि 2007 से 2011 के बीच वे पाईधूनी पुलिस स्टेशन में बतौर सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर तैनात थे। उनके बैचमेट एनआर माली बतौर सीनियर इंस्पेक्टर डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में कार्यरत थे। दोनों का अधिकार क्षेत्र मुंबई जोन-2 में आता है।

कसाब के पास से बरामद हुआ था मोबाइल फोन
पठान ने आगे बताया कि 26/11 के दिन अजमल आमिर कसाब को गिरगांव चौपाटी इलाके में पकड़ा गया था। इसकी जानकारी जब मुझे हुई तो मैंने अपने साथी एनआर माली से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान माली ने मुझे बताया कि अजमल कसाब के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। साथ ही उन्होंने मुझे बताया कि यहां पर कई बड़े अधिकारी आए हुए हैं, जिसमें ATS के तत्कालीन चीफ परमबीर सिंह भी हैं। माली के मुताबिक, यह फोन कॉन्स्टेबल कांबले के पास था और उससे ATS के चीफ परमबीर सिंह ने लेकर अपने पास रख लिया था।

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मोबाइल फोन इस मामले का सबसे अहम सबूत था। इसी फोन से कसाब पाकिस्तान से निर्देश पा रहा था। यह फोन उसके पाकिस्तान और हिन्दुस्तान में उनके हैंडलर के लिंक को सामने ला सकता था। इसलिए इस घटना के कुछ दिन बाद मैंने माली से फिर से बात की और इस मामले में कुछ और डीटेल निकालने की कोशिश की।

2008 के मुंबई हमलों में कसाब ने लश्करे-तैयबा के अपने साथ इस्माइल खान के साथ मिलकर करीब 70 लोगों की जान ली थी।

पूर्व रिटायर्ड ACP( Retiered ACP Mumbai Police) पठान का परमबीर( Ex Police commissioner Parambeer singh Mumbai) पर अब तक का सबसे बड़ा आरोप( Allegation by ret. ACP), पूर्व मुम्बई पुलिस कमिश्नर ने दिया था मुम्बई हमलों के आतंकियों( 9/11 Mumbai blast terrerorist was helped by Parambeer singh) का साथ- ACP पठान( ACP Ret. Pathan)

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मोबाइल फोन दिया होता तो कइयों की जान बच जाती
माली ने बताया कि इस केस की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर महालय कर रहे थे और परमबीर सिंह की ओर से यह मोबाइल फोन उन्हें सौंपा ही नहीं गया। इसके बाद हम दोनों ने हैरत जताते हुए यह भी पॉइंट उठाया की यह एक बड़ा सबूत था और अगर इसे नहीं सौंपा जाता है, तो यह देश के दुश्मनों की मदद करेगा। हमें संदेह था कि मोबाइल फोन में आतंकियों के पाकिस्तान और भारत में मौजूद उनके हैंडलर का नंबर होगा। शायद इस आतंकी साजिश में शामिल भारत के कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के संपर्क नंबर भी उनके फोन में हो सकते थे। यदि फोन मुंबई क्राइम ब्रांच को उस समय दिया गया होता, तो शायद और अधिक महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा करने की स्थिति में हम होते, क्योंकि 26 तारीख के बाद भी आतंकी अपने हमले को जारी रखे हुए थे।

फोन बरामदगी की बात कभी सामने नहीं आई
पठान ने आगे बताया कि आतंकी हमले के कुछ दिन बाद मैंने फिर से सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर माली से बात की थी और उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने इस बाबत मुंबई दक्षिण क्षेत्र के आयुक्त वेंकटेशम से मुलाकात कर उनसे परमबीर से वह फोन लेने और उसे संबंधित जांच अधिकारी को जांच के लिए देने को कहा था। पठान ने आगे कहा कि मैं इस केस का हिस्सा नहीं था, इसलिए मैंने इस केस में ज्यादा फॉलोअप नहीं लिया। हालांकि, यह बात सभी की जानकारी में है कि कसाब के पास से किसी भी फोन के बरामद होने की जानकारी किसी भी अदालत या जांच एजेंसी के सामने नहीं आई।

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फाइल फोटो रि0 एसीपी पठान मुम्बई पुलिस

सबूत जमा करवाने की बात कहा तो भड़क गए थे परमबीर
पठान ने आगे बताया कि अब मैं रिटायर्ड हो चुका हूं और आजकल समाज सेवा का काम कर रहा हूं। माली भी अब असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर की पोस्ट से रिटायर्ड हो चुके हैं। इस बारे में कुछ दिन पहले मैंने फिर से जब माली से पूछा तो उन्होंने मुझे बताया कि वे इस सबूत की बात करने तत्कालीन ATS चीफ परमबीर सिंह के पास गए थे। उन्होंने परमबीर से इस सबूत को क्राइम ब्रांच को सौंपने को भी कहा था, लेकिन परमबीर उलटे उन पर ही भड़क गए। उन्होंने खुद के सीनियर होने की बात कहते हुए डांट कर माली को अपने ऑफिस से निकाल दिया था। उस दौरान परमबीर ने कहा था कि आपका (माली) इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।कसाब अकेला आतंकी था, जिसे पुलिस ने जिंदा पकड़ा था। 3 मई 2010 को कसाब को 80 अपराधों का दोषी पाया गया। 21 नवंबर 2012 में उसे पुणे की यरवदा जेल में फांसी दे दी गई।

पूर्व रिटायर्ड ACP( Retiered ACP Mumbai Police) पठान का परमबीर( Ex Police commissioner Parambeer singh Mumbai) पर अब तक का सबसे बड़ा आरोप( Allegation by ret. ACP), पूर्व मुम्बई पुलिस कमिश्नर ने दिया था मुम्बई हमलों के आतंकियों( 9/11 Mumbai blast terrerorist was helped by Parambeer singh) का साथ- ACP पठान( ACP Ret. Pathan)

 

देश के दुश्मनों के साथ शामिल थे परमबीर
पठान ने आगे लिखा है कि इस बात से माली बेहद हैरान हुए और बिना कुछ कहे वहां से बाहर निकल गए। माली इसलिए भी हैरान थे कि इस घटना की जानकारी कमिश्नर वेंकेटेशम को दिए जाने के बावजूद उन्होंने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया था। हालांकि, माली ने इस पूरे मामले में अपनी व्यक्तिगत जांच जारी रखी और उन्होंने जब आधिकारिक रिकॉर्ड खंगाला तो उसमें लिखा गया था कि कसाब के पास से कोई भी फोन बरामद नहीं हुआ था। इस पर सवाल यह उठता है कि कैसे एक आतंकी बिना मोबाइल फोन के इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता था। इसका मतलब यह था कि मोबाइल फोन मिला था और उसे क्राइम ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर महाले को नहीं सौंपा गया था। यह साबित करता है कि परमबीर सिंह ने सबूतों को नष्ट किया और इस पूरी क्रिमिनल साजिश में वह देश के दुश्मनों के साथ शामिल थे।

पूर्व रिटायर्ड ACP( Retiered ACP Mumbai Police) पठान का परमबीर( Ex Police commissioner Parambeer singh Mumbai) पर अब तक का सबसे बड़ा आरोप( Allegation by ret. ACP), पूर्व मुम्बई पुलिस कमिश्नर ने दिया था मुम्बई हमलों के आतंकियों( 9/11 Mumbai blast terrerorist was helped by Parambeer singh) का साथ- ACP पठान( ACP Ret. Pathan)

 

आखिर में पठान ने मुंबई पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि रिटायर्ड ACP होने के नाते अब इस मामले में चुप नहीं रह सकता हूं और यह चाहता हूं कि परमबीर के खिलाफ एक फॉर्मल कंप्लेंट दर्ज कर इस मामले की जांच होनी चाहिए। मुम्बई पुलिस के रिटायर्ड एसीपी के हालिया लेटर ने मुम्बई पुलिस महकमें में खलबली मचा दी है अगर रिटायर्ड एसीपी पठान का परमबीर पर लगाया आरोप सही है तो मुम्बई हमले के कई राज अब खुल सकते हैं और वो देश द्रोही सामने आ सकते हैं जिन्होंने कश्में तो भारत माता की रक्षा की खाई थी लेकिन मुम्बई हमले में साथ दुश्मनों का दिया था ऐसे में प्रदेश और केन्द्र सरकार को रि0 एसीपी पठान के इस खुलासे को गम्मभीरता से लेना होगा और मुम्बई हमले के उन मगरमच्छों को खोज निकालना होगा जिन्होंने आतंकियों के साथ मिलकर भारत माता के सीने को छन्नी किया था

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