अब J&K में सरकार( Government) के इस आदेश( GO) से पत्थर बाजों( pathar baaj) की टूटी कमर

अब J&K में सरकार( Government) के इस आदेश( GO) से पत्थर बाजों( pathar baaj) की टूटी कमर

ये नया जम्मू-कश्मीर है: देशद्रोहियों और पत्थरबाजों को ना पासपोर्ट मिलेगा ना सरकारी नौकरी, आदेश जारी

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अब J&K में सरकार( Government) के इस आदेश( GO) से पत्थर बाजों( pathar baaj) की टूटी कमर, प्रदेश में देशद्रोहियों और पत्थरबाजों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। ऐसे अराजक तत्वों को अब पासपोर्ट सेवा और सरकारी नौकरी से वंचित रखा जाएगा।कश्मीर घाटी में आतंकवाद की कमर टूट चुकी है। अलगाववाद के दिन लद चुके हैं। लेकिन देश विरोधी तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। अब ऐसे देशद्रोहियों और पत्थरबाजों की खैर नहीं है। देश के खिलाफ षड्यंत्र रचने वालों पर नकेल कसने के लिए एक आदेश जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि देश के खिलाफ नारेबाजी और पत्थरबाजी करने वालों को सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी। इतना ही नहीं ऐसे लोग पासपोर्ट सेवा का भी लाभ नहीं उठा सकेंगे। सीआईडी ने सभी इकाइयों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

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अब J&K में सरकार( Government) के इस आदेश( GO) से पत्थर बाजों( pathar baaj) की टूटी कमर, जम्मू- कश्मीर में अमन बहाली के लिए केन्द्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार दोनों ही सरकारें आजकल गम्मभीरता से काम कर रहें हैं इस बात की तस्दीक कर रहा है प्रदेश सरकार का हाल ही में निकाला गया आदेश जिसमें कहा गया है कि पासपोर्ट और दूसरी सेवाओं के आवेदनो को बारीकी से देखा जाय और अगर किसी ऐसे शक्स का आवेदन इन सेवाओं के लिए आता है जो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा हो तो उसके आवेदन को फौरन रद्द कर दिया जाय, सरकार के इस आदेश के बाद अब कश्मीर घाटी में असामाजिक तत्वों की कमर टूट चुकी है और सरकार के इस फैसले से वो बौखला गए हैं अब किसी भी शक्स के लिए पत्थर बाजी की घटना को अंजाम देना आसान नहीं होगा और वो किसी के बहकावे में भी नहीं आएगा जैसा कि अब तक घाटी में हो रहा था

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अब J&K में सरकार( Government) के इस आदेश( GO) से पत्थर बाजों( pathar baaj) की टूटी कमर, आपराधिक जांच विभाग, विशेष शाखा-कश्मीर की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि सभी क्षेत्रीय इकाइयों को निर्देशित किया जाता है कि  पासपोर्ट सेवा या अन्य किसी दूसरी सेवा से संबंधित सत्यापन के दौरान कानून और व्यवस्था, पथराव के मामलों और अन्य अपराधों में संलिप्तता को विशेष रूप से देखा जाए। स्थानीय पुलिस थाने के रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि होनी चाहिए। डिजिटल साक्ष्य जैसे सीसीटीवी फुटेज, फोटो, वीडियो और ऑडियो पुलिस के रिकॉर्ड में उपलब्ध क्लिप, क्वाडकॉप्टर इमेज को भी खंगाल जाए। ऐसे किसी भी मामले में शामिल होने पर स्वीकृत देने से इनकार किया जाना चाहिए।

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Author: admin

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