उत्तराखंड में इस दिन से लगेगी अचार संहिता!( election code of conduct) समय से ही होंगे चुनाव(assembly  Election in Uttrakhand )

Khabardaar Bureau

उत्तराखंड में इस दिन से लगेगी अचार संहिता!( election code of conduct) समय से ही होंगे चुनाव(assembly  Election in Uttrakhand ) 

 
Election 2022 Code of Conduct: Code of Conduct for Uttarakhand Elections 2022 may be imposed on January 5 2022
Image: Code of Conduct for Uttarakhand Elections 2022 may be imposed on January 5, 2022

Uttarakhand assembly elections 2022 से जुड़ी एक बड़ी अपडेट है। 5 जनवरी के बाद उत्तराखंड में कभी भी आचार संहिता लग सकती है!

देहरादून: उत्तराखंड में विधान सभा चुनाव को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है Uttarakhand assembly elections । अब ये करीब करीब तय है कि  देव भूमि उत्तराखंड में इस बार विधान सभा चुनाव समय से ही होंगे और सूबे में 5 जनवरी के बाद उत्तराखंड में कभी भी आचार संहिता यानी Code of conduct लग सकती है। दरअसल चुनाव आयोग ने साफ कर लिया है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में समय पर ही चुनाव होंगे। Sushil Chandra Chief Election Commissioner ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने विधानसभा चुनाव के दौरान कोरोना वायरस प्रोटोकॉल का पालन करने की बात कही है। यह इस बात के संकेत हैं कि चुनावी राज्यों में चुनाव स्थगित नहीं होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 11000 और भी ज्यादा मतदान केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे भीड़ ना हो। मतदान केंद्रों पर भीड़ रोकने के लिए मतदान का वक्त भी 1 घंटे बढ़ाया जा सकता है। 80 साल से अधिक आयु वाले मतदाताओं, कोरोनावायरस संक्रमित मतदाताओं और दिव्यांग मतदाताओं को घर पर ही वोट डालने की सुविधा मिलेगी।

 

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मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि हमने राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठक की। पार्टियों की मांग है कि समय पर ही चुनाव संपन्न होना चाहिए। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि वक्त पर Uttarakhand Assembly Elections होंगे। इस बार के चुनाव में खास बात ये रहेगी कि  चुनाव आयोग बिहार विधान सभा के चुनाव की तरह राजनीतिक पार्टियों को वर्चुअल माध्यम से है रैलियों की इजाजत दे सकता है, जिससे चुनावी राज्यों में जनता को कोरोना के कहर से बचाया जा सके जानकारों का मानना है कि  आयोग राजनीतिक दलों को वर्चुअल मीडियम से ही चुनाव प्रचार पर जोर डाल सकता है जिससे लोगों को कोरोना गाइड लाइन का पालन करवाया जा सके दरअसल देशभर में कोरोना की रफ़्तार तेज हो रही है ऐसे में चुनाव प्रचार के दौरान भीड़ इकठ्ठा होने से कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं और संक्रमन की रफ़्तार तेज हो सकती है 

 
 
                                             

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