सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर चल रहे मिश्रा( Bail from SC Mirtyunjay Mishra) जी उत्तराखंड में मिली रजिस्टार की  मनमाफिक तैनाती,( Registrar Ayurvedic college) वाह  मंत्री जी गजब कर दिया ( Minister suspected in appointment)

Khabardaar Bureau

29 December, 2021

सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर चल रहे मिश्रा( Bail from SC Mirtyunjay Mishra) जी उत्तराखंड में मिली रजिस्टार की  मनमाफिक तैनाती,( Registrar Ayurvedic college) वाह  मंत्री

जी गजब कर दिया ( Minister suspected in appointment)

उत्तराखंड के शिक्षा महकमें में एक ऐसा शख्स है जिसका हमेशा विवादों से चोली दामन का साथ रहा है , तब चाहे सरकार किसी की भी रही हो महशय को मनमर्जी की पोस्ट और रुतवा सरकारों ने दिया और इस शक्स ने हर बार भ्रष्टाचार की इन्तेहां पार की ऐसा भी नहीं है की ये शक्स इस दौरान एक ही महकमें में रहा हो हर सरकार ने इसके लिए पालक पावड़े बिछाएं हैं और काबलियत से जयादा तैनाती इसको दी गयी है अब हाल ही में हरक सिंह जी का भी दिल इन महाशय पर पसीज गया है और इनको रजिस्टर की तैनाती दी गयी है जबकि ये शख्स नैनीताल हाई कोर्ट से जमानत पर है और मामला कोर्ट में चल रहा है आखिर हमारे राजनेता कब एक लकीर खीचेंगे की उत्तराखंड में केवल ईमानदार अधिकारियों को ही आगे बढ़ाया जाय इनकी क़ाबलियत ये है कि ये कोटद्वार के एक सरकारी स्कूल में टीचर पोस्ट पर हैं लेकिन वहां नौकरी करने के बजाय कभी उत्तराखंड टेक्निकल विश्विधायलय के रजिस्टार रहे तो कभी आयुर्वेदिक कॉलेज में ऊँची पोस्ट पर, ये सब उत्तराखंड में ही संभव है उत्तर प्रदेश में योगी आदित्य नाथ ने इस तरह की पोस्टिंग और तैनाती पर पूरी तरह से पावंदी लगा रखी है, शायद  हमारे इन नेताओं को नरेंदर मोदी का भी दर नहीं लगता तभी तो मोदी के  जीरो टॉलरेंस की धज्जियाँ उड़ रही हैं  और वो भी पी एम् मोदी के नाक के ही नीचे 

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उत्तराखंड आयुर्वेदिक कॉलेज के  सचिव  ने पूर्व में विवादित मृत्युंजय मिश्रा को आयुर्वेद विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार नियुक्त कर न सिर्फ सबको चौंका दिया बल्कि चुनावी मौसम में विपक्ष को सरकार और BJP पर प्रहार के लिए जबर्दस्त हथियार सौंप दिया। CM पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में आज आयुष मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत से फोन पर इसकी वजह जानने की कोशिश करने के साथ ही एक किस्म से इस पर आधिकारिक तौर पर जवाब तलब किया है। अब ये तो तय है की मृत्युंजय मिश्रा की तैनाती बिना हरक सिंह को जानकारी के संभव नहीं है ऐसे में सरकार के ऊपर दबाव बनाने वाले हरक सिंह रावत अब विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं साथ ही सर्कार का जीरो टॉलरेंस भी तारतार होता दिख रहा है अब पार्टी और सर्कार को चुनाव में इस मुद्दे पर विपक्ष के तीरों का सामना करना है 

 

 

सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर चल रहे मिश्रा( Bail from SC Mirtyunjay Mishra) जी उत्तराखंड में मिली रजिस्टार की  मनमाफिक तैनाती,( Registrar Ayurvedic college) वाह  मंत्री

जी गजब कर दिया ( Minister suspected in appointment)

 

3 साल पहले सतर्कता विभाग की कार्रवाई में जेल गए मृत्युंजय को कुलसचिव बनाने के आदेश में ये कमज़ोर सी कैफियत दी गई है कि जब सतर्कता विभाग की जांच रिपोर्ट आ जाएगी तो अंतिम फैसला तब ले लिया जाएगा। तब तक उनको आयुर्वेद विवि में वेतन के साथ ही सारी सुविधाएं लौटाते हुए रजिस्ट्रार पद पर फिर से नियुक्त कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ शर्तों के साथ मृत्युंजय को जमानत दी है।शासन के आदेश के मुताबिक मृत्युंजय के खिलाफ सतर्कता जांच चलने के कारण उनके खिलाफ विभागीय और अनुशासनिक कार्रवाई का फिलहाल कोई औचित्य नहीं है। सतर्कता विभाग की जांच रिपोर्ट आ जाती है तो गुण दोष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इसके बाद मृत्युंजय की बहाली को ले के सोशल मीडिया में भी सुर्खियां बन उठी। चुनावी मौसम में इस किस्म के विवादित फैसले से खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद खफा बताए जा रहे।

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CMO सूत्रों के अनुसार पुष्कर ने मामला जानकारी में आने के बाद आयुष मंत्री को फोन कर उनसे इस कदम और फैसले के पीछे की पूरी रिपोर्ट सख्ती के साथ तलब की। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर आने वाले चुनाव के मद्देनजर इस किस्म के विवादों से दूर रहने की कोशिश कर रहे हैं। इस बात की पूरी संभावना है कि सरकार विवादित छवि को देखते हुए कि मृत्युंजय से फिर चार्ज वापिस ले के पैदल कर दे।

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सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर चल रहे मिश्रा( Bail from SC Mirtyunjay Mishra) जी उत्तराखंड में मिली रजिस्टार की  मनमाफिक तैनाती,( Registrar Ayurvedic college) वाह  मंत्री

जी गजब कर दिया ( Minister suspected in appointment)

 

विवादित मृत्युंजय मिश्रा को आयुर्वेद विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार नियुक्त कर न सिर्फ सबको चौंका दिया बल्कि चुनावी मौसम में विपक्ष को सरकार और BJP पर प्रहार के लिए जबर्दस्त हथियार सौंप दिया। CM पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में आज आयुष मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत से फोन पर इसकी वजह जानने की कोशिश करने के साथ ही एक किस्म से इस पर आधिकारिक तौर पर जवाब तलब किया है।   3 साल पहले सतर्कता विभाग की कार्रवाई में जेल गए मृत्युंजय को कुलसचिव बनाने के आदेश में ये कमज़ोर सी कैफियत दी गई है कि जब सतर्कता विभाग की जांच रिपोर्ट आ जाएगी तो अंतिम फैसला तब ले लिया जाएगा। तब तक उनको आयुर्वेद विवि में वेतन के साथ ही सारी सुविधाएं लौटाते हुए रजिस्ट्रार पद पर फिर से नियुक्त कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ शर्तों के साथ मृत्युंजय को जमानत दी है।शासन के आदेश के मुताबिक मृत्युंजय के खिलाफ सतर्कता जांच चलने के कारण उनके खिलाफ विभागीय और अनुशासनिक कार्रवाई का फिलहाल कोई औचित्य नहीं है। सतर्कता विभाग की जांच रिपोर्ट आ जाती है तो गुण दोष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इसके बाद मृत्युंजय की बहाली को ले के सोशल मीडिया में भी सुर्खियां बन उठी। चुनावी मौसम में इस किस्म के विवादित फैसले से खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद खफा बताए जा रहे।  
 CMO सूत्रों के अनुसार पुष्कर ने मामला जानकारी में आने के बाद आयुष मंत्री को फोन कर उनसे इस कदम और फैसले के पीछे की पूरी रिपोर्ट सख्ती के साथ तलब की। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर आने वाले चुनाव के मद्देनजर इस किस्म के विवादों से दूर रहने की कोशिश कर रहे हैं। इस बात की पूरी संभावना है कि सरकार विवादित छवि को देखते हुए कि मृत्युंजय से फिर चार्ज वापिस ले के पैदल कर दे।–

 

 
 
                                           

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