आखिरकार हरक ने किये एक तीर से कई शिकार( Harak Singh Rawat successfull in his Political  aim ), बैक फुट पर BJP संगठन ( BJP at back foot )

Khabardaar Burea

आखिरकार हरक ने किये एक तीर से कई शिकार( Harak Singh Rawat successfull

in his Political  aim ), बैक फुट पर BJP संगठन ( BJP at back foot )

 

Sat, 26 Dec 2021

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत इस्तीफे पर अड़े या BJP में होगी वापसी, CM पुष्कर सिंह धामी ने कहीं ये बातें

आखिरकार हरक सिंह रावत ने एक तीर से कई शिकार कर ही दिए जानकारों की माने तो हरक सिंह रावत का ये सियासी ड्रामा पहले से ही तय था दरअसल हरक सिंह रावत को कोटद्वार से चुनाव लड़ना है और इसबार कोटद्वार की डगर उनको मुश्किल लग रही थी इसकी वजह थी ३ साल टक  पूर्व सीएम त्रिवेंद्र से उनका ३६ का आंकड़ा जिसकी वजह से वो कोटद्वार के लिए वो काम नहीं करवा पाए जो करवाना चाहते थे त्रिवेंद्र ने हरक के हर काम में तब अड़ंगा डाला था सूत्र तो यहाँ तक इशारा कर रहे है हैं कि इसी का नतीजा था कि आखिरकार त्रिवेंद्र की ही कुर्सी चली गई जानकार इसमें हरक का बाड़ा रोल बता रहे हैं अब कुछ ही दिनों बाद हरक सिंह रावत को कोटद्वार की जनता के पास वोट मांगने जाना है ऐसे में इस बार उनके लिए कोटद्वार से जीत आसान नहीं लग रही थी इससे पहले हरक सिंह लैन्सडाउन से भी विधायक रहे थे लईकिन दुबारा जीत की राह आसान न देख कर रुद्रप्रयाग चले गए तब उन्होंने अपने खुद के साडू भाई मातवर सिंह कंडारी के खिलाफ चुनाव लड़ा और जीते भी तब से मतवार सिंह कंडारी हरक से खार खाये बैठे हैं उस वक्त भी चुनाव हारता देख हरक सिंह ने दारी देवी में रोने का नाटक कर वोटर की नब्ज पर ऐसा हाथ रखा की लोगों ने उनको बम्पर वोटों से जीत दिला दी लेकिन तक वो कांग्रेस में थे और उनकी चलती भी खूब थी जानकार बता रहे हैं की हरक ने इस बार भी बीजेपी में अपनी सीट बदलने की अपील की थी और किसी दूसरी सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी लेकिन ये तो बीजेपी है यहां सब कुछ संगठन के हिसाब से तय होता है ऐसे में अपनी चुनाव की राह  मुश्किल देख कर हरक ने ये सियासी ड्रामा किया जिससे चुनाव से ठीक पहले कोटद्वार की जनता की सिम्पैथी बटोरी जा सके और जनता को बताया जाय की उनकी मांगे नहीं मानी जा रही हैं इसीलिए जनता के लिए उन्होंने अपने मंत्री पद से भी स्तीफा दे दिया है और कोटद्वार से जीत पक्की की जा सके सूत्र तो यहां तक बता रहे हैं की अपने सियासी पैतरे को पूलप्रूफ बनाने के लिए हरक सिंह रावत ने दिल्ली में हरीश रावत से भी मुलाकात की जिससे लगे कि वो चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस भी जा सकते हैं जिससे बीजेपी संगठन पर दवाव बनाया जा सके और वो इसमें कही हद तक या योन कहें कि जैसा हरक चाहते थे उन्होंने वही कर दिखाया और नतीजे भी उनकी मर्जी के ही रहे ऐसे में अब कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह नेगी की राह जरूर मुश्किल हो गयी है क्योंकि वो पिछले ५ सालों से कोटद्वार में ही डटे थे और इसबार उनकी जीत पक्की दिख नरही थी लेकिन हरक सिंह रावत के इस सियासी पैंतरे ने सुरेंदर सिंह नेगी का चुनावी गणित जरूर बिगाड़ दिया है 

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कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की नाराजगी और इस्तीफे के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रावत से बात हो गई है और मामले को सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि हरक की जो भी नाराजगी थी, सब दूर कर ली गई है। सीएम धामी ने साफतौर पर कहा कि किसी तरह के दबाव और परेशानी वाली बात नहीं है। यह हमारे परिवार का मामला है और उसे सुलझा लिया है।एक जिले में दो मेडिकल कॉलेज नहीं बनाए जाने के नियम को लेकर सीएम धामी ने कहा कि हमने कैबिनेट में कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज के लिए पैसा स्वीकृत कर दिया है। जल्द पैसा जारी भी कर दिया जाएगा। मिलकर काम कर रहे हैं और हर समस्या का समाधान निकाला जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि भाजपा में ‘ऑल इज वैल’ है। कहा कि रावत कोटद्वार मेडिलक कॉलेज पर नाराज हैं लेकि

न कैबिनेट में संस्तुति के बाद अब उनका गुस्सा भी खत्म हो गया है। कौशिक ने कहा है कि, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने इस्तीफा नहीं दिया है। हालांकि, वे बोले, उनकी कुछ नाराजगी हो सकती है लेकिन इस्तीफे की बात गलत है। शुक्रवार रात हरक सिंह रावत के कैबिनेट की बैठक में इस्तीफे की घोषणा पर कौशिक ने कहा कि, संभव है कुछ बातों को लेकर हरक सिंह रावत नाराज हों। ऐसा पार्टी परिवार और सरकार में चलता रहता है। लेकिन डॉ. रावत के इस्तीफे की बात गलत है। हालांकि, कौशिक ने कहा है कि, इस सूचना के बाद उनकी हरक सिंह रावत से बात नहीं हुई है।

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नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कहा है कि, मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत का इस्तीफा, भाजपा के पापों का नतीजा है, जो उसने 2016 में कांग्रेस को तोड़ते वक्त किया था। प्रीतम सिंह ने कहा कि, हरक सिंह अभी भाजपा हैं या नहीं, उन्हें पता नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि, हरक सिंह के कांग्रेस में शामिल होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि, उन्होंने डॉ. हरक सिंह रावत के इस्तीफे की खबर समाचार माध्यमों में देखी।इसकी सच्चाई सरकार और भाजपा ही बता सकते हैं। गोदियाल ने कहा कि, हरक सिंह के कांग्रेस में आने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। आपको बता दें कि कैबिनेट बैठक में हरक सिंह के बागी होने की वजह कोटद्वार मेडिकल कॉलेज में देरी बनी। प्रस्ताव न आने से नाराज हरक सिंह की स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के साथ बहस इस हद तक बढ़ गई कि वो इस्तीफा की घोषणा करते हुए चलते बने। इसके बाद हरक की गैरमौजूदगी में कैबिनेट ने कोटद्वार मेडिकल कॉलेज के लिए पांच करोड़ रुपए मंजूर किए।

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शुक्रवार शाम सात बजे से विश्वकर्मा भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक के लिए सबसे पहले शासकीय प्रवक्ता छह बजे सीएम कार्यालय में पहुंचे। इसके बाद क्रमश: कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय, सीएम पुष्कर सिंह धामी, बंशीधर भगत और फिर हरक सिंह रावत वहां पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के सात से सभी कैबिनेट मंत्री विश्वकर्मा भवन पहुंचे, जहां कैबिनेट आहूत की गई थी। इसके बाद कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, यतीश्वरानंद, विशन सिंह चुफाल भी यही पहुंचे।जबकि सतपाल महाराज ऑनलाइन माध्यम से इसमें जुड़े। उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट के सामने साठ से अधिक प्रस्ताव रखे गए थे, इस कारण बैठक रात 9.50 तक खिंच गई। लेकिन कैबिनेट बैठक समाप्त होने तक भी कोटद्वार मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव न आने पर हरक सिंह ने जब स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह से नाराजगी जताई तो बात देखते ही देखते तीखी बहस में तब्दील हो गई। अन्य सदस्य इस बीच कुछ समझ पाते तो चंद मिनट की बहस के बाद हरक सिंह उठे और मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए बाहर निकल गए।कैबिनेट के सहयोगी सुबोध उनियाल और अरविंद पांडेय ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की लेकिन हरक सिंह किसी की बात न सुनते हुए सीधे विश्वकर्मा भवन से मेन बिल्डिंग के रास्ते बाहर आए और अपनी गाड़ी में बैठकर चलते बन गए।इसके बाद आनन- फानन में कैबिनेट में कोटद्वार मेडिकल कॉलेज के लिए पांच करोड़ रुपए आबंटन का प्रस्ताव लाया गया, जिसे मंजूरी देकर हरक को शांत करने का प्रयास किया गया। इतनी देर में हरक की बगावती तेवर जंगल में आग की तरह फैल चुकी थी।

Author: admin

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