तो नए साल पर दिल्ली की सड़कों( New year Delhi Road) से हटेंगे 3 लाख वाहन( 3 Lakh Vehicle) , कहीं आपकी गाडी का भी तो नंबर नहीं है( your car number)  इस लिस्ट में (list), जरूर पढ़ें

Khabardaar Bureau

तो नए साल पर दिल्ली की सड़कों( New year Delhi Road) से हटेंगे 3 लाख वाहन( 3 Lakh Vehicle) , कहीं आपकी गाडी का भी तो नंबर नहीं है( your car number)  इस लिस्ट में

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Fri, 17 Dec 2021 09:40 AM

नए साल पर दिल्ली की सड़कों से हटेंगे ऐसे 3 लाख वाहन, आपकी गाड़ी भी तो इस लिस्ट में नहीं

अगर आप दिल्ली में रहते हैं और आपके नाम पर  डीजल वाली गाडी रजिस्टर्ड है तो फिर यह खबर आपको जरूर पढ़नी चाहिए । दिल्ली सरकार ने 1 जनवरी से उन डीजल वाहनों का रजिस्ट्रेशन समाप्त करने का फैसला लिया है, जिनके 10 साल पूरे हो चुके हैं या फिर 1 जनवरी, 2022 को यह अवधि पूरी हो जाएगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के मुताबिक दिल्ली सरकार की ओर से यह फैसला लिया जा रहा है। इसी सप्ताह परिवहन विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक इन गाड़ियों के मालिकों को एनओसी जारी की जाएगी ताकि वे किसी दूसरी जगह पर  भी उन्हें डीरजिस्टर करा सकें। हालांकि यह एनओसी उन वाहनों के लिए नहीं होगी, जिनके 15 साल पूरे हो चुके हैं। 

तो नए साल पर दिल्ली की सड़कों( New year Delhi Road) से हटेंगे 3 लाख वाहन( 3 Lakh Vehicle) , कहीं आपकी गाडी का भी तो नंबर नहीं है( your car number)  इस लिस्ट में

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सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर, 2018 को दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन और 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों पर रोक का आदेश दिया था। इससे पहले 2014 में एनजीटी का आदेश था कि 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों को पब्लिक प्लेस पर पार्किंग के लिए भी जगह नहीं दी जानी चाहिए। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा, ‘हम पुराने डीजल वाहनों के खिलाफ ऐक्शन ले रहे हैं। अब तक करीब 1 लाख ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन खत्म हुआ है। अब 1 जनवरी, 2022 से सख्ती के साथ ऐसी सभी गाड़ियों का पंजीकरण समाप्त होगा।’ अब तक 1 लाख पर रोक लग चुकी है और फिलहाल 2 लाख ऐसी गाड़ियां और हैं, जो कम से कम 10 साल पुरानी हैं।

ऐसे 3 लाख  गाड़ियां दिल्ली की सड़कों से हटेंगी 

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इसका मतलब यह  हुआ कि दिल्ली की सड़कों पर नए साल से 3 लाख डीजल वाहनों के चलने पर रोक लग जाएगी। अधिकारी ने कहा कि परिवहन विभाग की ओर से लगातार नोटिस जारी कर लोगों को इस बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा, ‘विभाग के निर्देशों के मुताबिक दिल्ली में 15 साल पुराने डीजल वाहन और 10 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियां नहीं चल पाएंगी। स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत यह आदेश जारी किया गया है।’ अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में ओवरएज गाड़ियों की संख्या 38 लाख के करीब है। इनमें से 3 लाख ऐसे डीजल वाहन हैं, जो 10 साल से ज्यादा पुराने हो चले हैं। 

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NGT ने 2016 में दिया था  आदेश लेकिन, तब सख्ती से नियम लागू नहीं हो पाया था 

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जुलाई 2016 में 10 साल पुराने डीजल वाहनों के डी रजिस्ट्रेशन का आदेश दिया था और कहा था कि इसे पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाना चाहिए। उस आदेश में कहा गया था कि पहले 15 साल पुराने वाहनों पर रोक लगानी चाहिए और फिर 10 साल पुरानी गाड़ियों पर रोक लगा सकते हैं। 

दिल्ली के परिवहन विभाग का वाहन मालिकों को विकल्प 

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परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को थोड़ी राहत भी दी है। इसके तहत 10 पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को अगर इलेक्ट्रिक गाड़ी में तब्दील करा लिया जाता है तो फिर उनको चलाने  की परमिशन होगी। हालांकि इन गाड़ियों में इलेक्ट्रिक किट्स वाहन मालिकों को परिवहन विभाग की तरफ  से मंजूरी प्राप्त एजेंसियों से ही लगवाने की इजाजत  होगी।

दिल्ली में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को काबू में करने के लिए हालाँकि सरकार तमाम कोशिशें कर रही हैं लेकिन बिना जनता की जागरूकता और जिम्मेदारी के ये संभव नहीं हो पायेगा इसके लिए सरकार को जनता को भी साथ लेना होगा जिससे दिल्ली की आबो हवा को साफ रखने में कामयाबी हासिल हो सके सुप्रीम कोर्ट कई बार सर्कार का दिल्ली की आबो हवा की बदहाली के लिए फटकार लगा चूका है लेकिन अभी तक भी वो कामयाबी हासिल नहीं हो सकी है जिसकी उम्मीद जताई जा रही थी 

 

 

Author: admin

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