तो आप भी दंग रह जाएंगे लेकिन ये है सही,भारत में पति को ( Husband In India) अपनी पत्नी का रेप ( Rape of Wife) पत्नी का रेप  करने का अधिकार( Right) तो अमेरिका में रेप के( America Law After Rape) बाद लड़की को   मां बनाने का अधिकार( Girl Could become pregnent), लेकिन दुनिया के 5 देश ऐसे हैं जहां महिलाओं को मिला मौका तो आई देश में खुशहाली( country who are happy after empowring women)

खबरदार

7 दिसम्बर 2021

 

तो आप भी दंग रह जाएंगे लेकिन ये है सही,भारत में पति को ( Husband In India)

अपनी पत्नी का रेप ( Rape of Wife) पत्नी का रेप  करने का अधिकार( Right) तो अमेरिका में रेप के( America Law After Rape) बाद लड़की को   मां

बनाने का अधिकार( Girl Could become pregnent), लेकिन दुनिया के 5

देश ऐसे हैं जहां महिलाओं को मिला मौका तो आई देश में खुशहाली( country who are

happy after empowring women)

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भारत: पति को रेप की आजादी

भारत समेत दुनिया के 49 देश ऐसे हैं, जहां पत्नी से रेप करने वाले पति को समाज के साथसाथ कानून भी दोषी नहीं मानता है। भारत में IPC की धारा 375 और 376 के तहत महिलाओं के साथ रेप किए जाने को जघन्य अपराध माना जाता है। इस तरह के मामलों में उम्र कैद या मौत की सजी दी जाती है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि भारत में अपनी पत्नी के साथ कोई रेप करे तो इस कानून के तहत कोई सजा तो छोड़िए कार्रवाई तक नहीं होती है।

 

अमेरिका: मर्दों को रेप कर लड़कियों को मां बनाने का अधिकार

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Image by american Photo press

अमेरिका में रेप के बाद रेपिस्ट पैरेंटल राइट के तहत पीड़िता से बच्चे की मांग कर सकता है। इस कानून की वजह से अमेरिका के मैरीलैंड, अलबामा, मिसिसिपि, मिनेसोटा, नॉर्थ डकोटा, न्यू मैक्सिको में हजारों रेप पीड़िता चाहते हुए भी रेपिस्ट के बच्चे की मां बनने के लिए मजबूर हैं। अमेरिका के बाकी राज्यों में रेपिस्ट को बच्चे का अधिकार मानने से रोकने का कानून है, लेकिन इन राज्यों में नहीं है। हर साल अमेरिका के इन राज्यों में 17 हजार से 32 हजार महिलाओं से रेप होता है, जिसमें 32% से 35% मामलों में रेपिस्ट अपने रेप से पैदा संतान को अदालत के जरिए मांगता है।

दरअसल इजराइल की एक महिला शीरा इसाकोव पर सितंबर 1920 में उसके पति ने 20 बार धारदार चाकू से जानलेवा

हमला किया, जिसके बाद शीरा को हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने कहा था कि महिला की

जिंदगी अब भगवान के ही भरोसे है। अपनी हिम्मत के बल पर शीरा ने भगवान का भरोसा जीत लिया और मौत

कोमात दे दी। इसके 14 महीने बाद कोर्ट ने घरेलू हिंसा के मामले में कोई मजबूत कानूननहीं होने की वजह से उसके

आरोपी पति को निर्दोष बता दिया। बाद में इस जजमेंट को लेकर पीड़ित महिला ने कहा,​‘मुझे शरीर में 20 बार चाकू

धंसने पर भी उतना दर्द नहीं हुआ था, जितना कोर्ट के इस फैसले को सुनते हुए हुआ।

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हम यह कहानी हम आपको इसलिए सुना रहे थे कि 2021 के मॉडर्न एरा में इजराइल जैसे संपन्न देश में भी ऐसे कानून हैं जो एक महिला को 20 बार चाकू से घोंपे जाने के बावजूद उसके पति को निर्दोष बताते हैं।

आप यकीन करें या करें, इजराइल अकेला ऐसा देश नहीं। भारत समेत कई बड़े देशों में ऐसे महिला विरोधी कानून आज भी लागू हैंअब  आपको बताते हैं कि  दुनिया के किन 7 देशों में और कौन कौन से कानून एंटी विमेन हैं

 

तो आप भी दंग रह जाएंगे लेकिन ये है सही,भारत में पति को ( Husband In India)

अपनी पत्नी का रेप ( Rape of Wife) पत्नी का रेप  करने का अधिकार( Right) तो अमेरिका में रेप के

( America Law After Rape) बाद लड़की को   मां बनाने का अधिकार( Girl Could

become pregnent), लेकिन दुनिया के 5 देश ऐसे हैं जहां महिलाओं को मिला मौका तो

आई देश में खुशहाली( country who are happy after empowring women)

 

सूडान: लड़कियों को दस साल की छोटी उम्र में ब्याहना अपराध नहीं

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अगर सूडान की बात जाय तो सूडान में लड़कियां 10 साल के बाद शादी कर सकती हैं। दूसरे देशों में जब लड़कियां इस उम्र में होमवर्क करने की सोचती हैं, उस उम्र में सूडान में बेटियां ब्याह दी जाती हैं। सूडान में आज के समय में हर तीन में से एक लड़की की शादी 18 साल से पहले करा दी जाती हैं। देश का कानून इसका समर्थन करता है। जब इन लड़कियों के शरीर में बदलाव ही हो रहे होते हैं तभी कई लड़कियां मां बना दी जाती हैं।

 

ईरान: पति की अनुमति ही पत्नी का पासपोर्टवीजा

 

ईरान में पत्नी अपने पति से अनुमति लिए बिना विदेश के दौरा पर नहीं जा सकती हैं। ईरान के कानून मुताबिक, पति के हस्ताक्षर के बिना महिलाओं को विदेश जाने की परमिशन नहीं मिलती है। एक तरह से कहें तो देश से बाहर जाने के लिए महिलाओं को सरकारी दफ्तर में बाद में पहले अपने पति के पास ही पासपोर्टवीजा के लिए अर्जी देना होता है।

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जॉर्डन: इज्जत के नाम पर बेटी की हत्या करने पर सजा में छूट

 

जॉर्डन में ऑनर किलिंग को अपराध नहीं माना जाता है। इस देश के पीनल कोड के आर्टिकल 340 और 98 के तहत ऑनर किलिंग को गंभीर अपराध नहीं माना गया है। इस कानून के तहत यदि महिला का मर्डर परिवार के इज्जत को ठेस पहुंचाने की वजह से किया जाता है तो आरोपी की सजा को जज कम कर सकते हैं।

 

रूस: घरेलू शोषण अपराध नहीं, मतलब पत्नी पर पति का राज

 

2017 में रूस की संसद ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले घरेलू शोषण को अपराध नहीं मानने वाले संशोधन के पक्ष में भारी मतदान किया था। भारत की तरह ही रूस में भी इस मामले को निजी बताया गया था। रूस के सरकारी रिपोर्ट की मानें तो रूस में हर 40 मिनट में एक महिला की मौत अपने पार्टनर या पति की वजह से हो रहा है। ऐसे में रूस के संसद द्वारा घरेलू शोषण को अपराध नहीं मानने वाले संशोधन का NGO और महिला समर्थकों ने विरोध किया था।

टर्की: नौकरी के लिए कंपनी से पहले पति को CV भेजना जरूरी

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टर्की की स्थिति भी महिलाओं को लेकर काफी सही नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस देश में महिलाओं को नौकरी करने से पहले अपने पति से परमिशन लेना होता है। यदि पति नहीं चाहे तो उनकी पत्नी नौकरी नहीं कर सकती है। इसी वजह से टर्की में नौकरी पेशा में महिलाओं की तदाद सिर्फ 29 प्रतिशत है।

 

इसलिए भी जरूरी है महिलाओं के हित में कानून

 

जब किसी देश में महिलाओं को न्याय, सुरक्षा और तरक्की के अवसर सही से नहीं मिलते हैं तो इससे सिर्फ उस देश की महिलाएं नहीं बल्कि पूरा मुल्क सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक तौर पर पीछे रह जाता है। अफगानिस्तान इसका ताजा उदाहरण है। महिलाओं के हित में कानून यदि होते हैं और महिलाओं को पुरुषों के बराबर मौका मिलता है, तो इससे जेंडर गैप कम होता है। वहां महिलाओं के खिलाफ होने वाले क्राइम के मामले भी कम होते हैं।

दुनिया के 5 देश जहां महिलाओं को मिला मौका तो मिटा फासला

 

एक तरफ जहां दुनिया के कई मुल्कों में महिलाओं को अपने अधिकार के लिए लड़ना पड़ रहा है। वहीं, UN के ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2021 के मुताबिक, आइसलैंड, फिनलैंड, नॉर्वे , न्यूजीलैंड और स्वीडन दुनिया के टॉप पांच ऐसे देश हैं, जहां महिलाओं को मौका दिया गया तो महिला और पुरुषों के बीच की खाई ना के बराबर रह गयी है। यह रिपोर्ट किसी देश के अर्थव्यवस्था, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ में महिलापुरुषों की भागीदारी और स्थिति के आधार पर तैयार किया जाता है।

जहां महिलाओं को मिली आजादी वहीं के लोग सबसे खुशहाल

 

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2021 को देखें तो फिनलैंड एक बार फिर से दुनिया का सबसे अधिक खुशहाल देश बन गया है। जेंडर गैप को कम करने के मामले में टॉप 5 देशों की लिस्ट में शामिल फिनलैंड में लोग सबसे ज्यादा खुशहाल हैं। वहीं, महिलाओं को सामाजिक और धार्मिक बेड़ियों में बांधे रखने की वजह से जेंडर गैप को कम करने के मामले में सबसे निचले पायदान रहने वाला अफगानिस्तान वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में भी सबसे पीछे 149वें स्थान पर है। मतलब यहां के लोग ज्यादा दुखी हैं।

 

लेकिन महिलाओं को आजादी देने वाले जदेशों को ये हो रहा है फायदा

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Image by Indian contenent press

तो आप भी दंग रह जाएंगे लेकिन ये है सही,भारत में पति को ( Husband In India) अपनी पत्नी का रेप ( Rape of Wife) पत्नी का रेप  करने का अधिकार( Right) तो अमेरिका में रेप के( America Law After Rape) बाद लड़की को   मां बनाने का अधिकार( Girl Could become pregnent), लेकिन दुनिया के 5 देश ऐसे हैं जहां महिलाओं को मिला मौका तो आई देश में खुशहाली( country who are happy after empowring women)

ये बात गौरकरने वाली जरुर है कि अभी भी दुनिया के कई देशों में आज भीकई देशों के कानून महिला विरोधझी हैं या यूं कहे कि वो महिलाओं कीआजादी को छीनते हैं जिससे महिलाएं इन देशों में दबाकुचली जिंदगी बितातीहैं लेकिन ये भी सच है कि दुनिया के जिस भी मुल्क ने महिलाओं को आजादीदी और उनको खुले में जीने की आजादी तो उस मुल्क की और तरक्की औरखुशहाली पर इसका खासा असर पड़ा है और आज वो देश काफी खुशहालहैं जिन मुल्कों ने अपने यहां मिलाओं को अपनी आजादी से रहने की छूट दी है

Author: admin

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