भारतीय रेलवे( Indian Railways) के लिए सर्दियों के मौसम में फॉग ( Winter session Fog) अब नहीं चलेगा, जानिए आखिर ऐसा रेलवे ट्रेनों के संचालन( Trains conducted) के लिए ऐसा क्यों कह रहा है

खबरदार ब्यूरो

7 December, 2021

भारतीय रेलवे( Indian Railways) के लिए सर्दियों

कमौसम में फॉग ( Winter session Fog) अब नहीं

चलेगा,जानिए आखिर ऐसा रेलवे ट्रेनों के संचालन

( Trainsconducted) के लिए ऐसा क्यों कह रहा है

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रेलवे की हाईटेक फॉग सेफ्टी डिवाइस से रेलवे की वर्षों पुरानी समस्या का हल निकल

आया है। रेलवे का दावा है कि डिवाइस के जरिए कोहरे में भी अपनी रफ्तार से ट्रेन

चलेगी और निर्धारित समय पर पहुंच सकेगी। इसके चलते रेलवे ने कोहरे के मौसम में

निरस्त की कई गाड़ियों को फिर से बहाल कर दिया है। 

रेल अधिकारियों का कहना है, वर्षों  पहले कोहरे के मौसम में लोको पायलट को सिग्नल

देखने की दिक्कत रहती थी। इससे हादसे का डर अधिक था। वर्तमान समय में रेलवे

के पास हाईटेक फॉग डिवाइस जैसे कई उपकरण हैं, जो रेल संचालन को बेहतर

बनाते हैं। घने कोहरे में भी लोको पायलट को आगे सिग्नल का पता चल जाता है।

इसलिए रेलवे बोर्ड ने निर्णय लिया कि ट्रेनों को जनहित में चलाया जाए। 

दो सप्ताह पहले ही कोहरे की वजह से रेलवे ने एक दिसंबर से 28 फरवरी तक कई

ट्रेनों के निरस्त रखने का आदेश जारी कर दिया था। कई रेल डिवीजन ने ट्रेन संचालन

को बोर्ड स्तर पर सुझाव भेजे। यात्रियों ने भी रेलवे को ट्रेन संचालन की मांग की। बोर्ड

की कमेटी ने निर्णय लिया कि यदि हाईटेक व्यवस्था के जरिए रेल का संचालन शुरू

किया जाए। सभी रेल डिवीजन से संबंधित ट्रेनों के संचालन की रिपोर्ट मांगी गई। जिस

पर बोर्ड ने हरी झंडी दे दी। इज्जतनगर रेल मंडल ऑपरेटिंग विभाग ने टनकपुर

जनशताब्दी एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस, रानीखेत एक्सप्रेस ,रामनगरआगरा फोर्ट

एक्सप्रेस, काठगोदामहावड़ा एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस के संचालन को रिपोर्ट भेज दी।

रेल बोर्ड ने रानीखेत एक्सप्रेस और काठगोदाम हावड़ा एक्सप्रेस को एक दिसंबर से

निरस्त किया था। मगर दोनों ट्रेनों के संचालन को फिर से हरी झंडी दे दी गई।

इसी तरह से मुरादाबाद डिवीजन के बरेली जंक्शन से चलने वाली बरेलीदिल्ली

पैसेंजर को भी चलाने का फैसला लिया गया। बरेलीबनारस, मुगलसराय एक्सप्रेस

संचालित की जाएगी।

भारतीय रेलवे( Indian Railways) के लिए सर्दियों के मौसम में फॉग

(Winter session Fog) अब नहीं चलेगा, जानिए आखिर ऐसा रेलवे ट्रेनों के

संचालन( Trains conducted) के लिए ऐसा क्यों कह रहा है

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फॉग डिवाइस ऐसे करती है काम

रेलवे के मुताबिक, जीपीएस पर आधरित फॉग सेफ्टी डिवाइस में रेल रूट का डाटा

फीड होता है। कहां पर सिग्नल, पुल और रेल क्रासिंग है, इसकी जानकारी डिवाइस में

रहती है। जब लोको पालयट ड्यूटी लेता है, तो उसे डिवाइस दे दी जाती है। घना

कोहरा होने पर भी 500 मीटर ही आगे क्रासिंग या सिग्नल आदि को इंडिकेट करती है।

लाल या हरा सिग्नल का संकेत देने के साथ डिवाइस से आवाज आने लगती है। लोको

पायलट ट्रेन की रफ्तार को नियंत्रित करता है। ड्राइवर अपनी सुविधा के अनुसार

अंग्रेजी या हिंदी भाषा में आवाज को सेट कर सकता है। डिसप्ले देखे बिना भी आवाज

सुनकर ड्राइवर जान लेता है कि आगे का सिग्नल, क्रासिंग या पुल है।

पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह का कहना है,

रेल डिवीजन ने लोको पायलट को 163 हाईटेक फॉग सेफ्टी डिवाइस उपलब्ध करा दी

हैं। जिससे कोहरा में ट्रेन संचालन होता रहे। रेल बोर्ड ने एक दिसंबर से कई ट्रेनें रद्द

कर दी थीं, लेकिन फिर से रानीखेत, काठगोदामहावड़ा जैसी कई ट्रेनों का संचालन

पुनः बहाल कर दिया है। इस बार हाईटेक फॉग डिवाइस के चलते कोहरा में भी ट्रेन

संचालन का निर्णय लिया गया है। 

भारतीय रेलवे( Indian Railways) के लिए सर्दियों के मौसम में फॉग ( Winter session Fog) अब

नहीं चलेगा, जानिए आखिर ऐसा रेलवे ट्रेनों के संचालन( Trains conducted) के लिए ऐसा क्यों कह रहा है

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अगर भारतीय रेलवे कोहरे में भी ट्रेनों के संचालन में कामयावी हासिल कर लेता है तो भबिष्य के लिए

ये एक शुभ संकेत जरुर माना जा सकता है इसकी असल वजह ये है कि हाल के बर्षों में ट्रेनों के लेट

चलने की वजह से लोगों के ,समय का काफी नुकसान हुआ है साथ ही ट्रेनों की लेटलतीफी की वजह

से रेलवे को  भी खासा घाटा सहना पड़ा है इसके अलावा देश को भी इसकी भारी कीमत चुकानी

पड़ती है लेकिन अब जीपीएम टेक्नोलॉजी पर आधारित इस आधुनिक तकनिकी की वजह से उम्मीद

की जानी चाहिए कि अब भारतीय रेलवे की कोई भी ट्रेन फॉग की वजह से लेट नहीं होगी और सर्दी

के मौसम में भी ट्रेनों में सफर कर रहे यात्री समय पर अपनी जगह तक पहुंच सकेंगे

Author: admin

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