अब भी नाराजगी थमी नहीं( All is not well in Rajasthan congress),इस सरकार में सिर मुंड़ाते ही ओले पड़े( Senior MLA write a Pinching letter to Cm Gahlaut)

Khabardaar Bureau

अब भी नाराजगी थमी नहीं( All is not well in Rajasthan congress),इस सरकार में सिर मुंड़ाते ही ओले पड़े( Senior MLA write a Pinching letter to Cm Gahlaut)

भले ही राजस्थान कैबिनेट में विस्तार करके गहलौत और कांग्रेस ने ये दिखाने की कोशिश की हो कि उनके हिसाब से राजस्थान का मसला अब सुलझ गया है लेकिन हालिया मंत्रिमंड़ल विस्तार के बाद भी राजस्थान कांग्रेस की कलह अभी थमी नहीं है, इसकी तस्दीक कर रहा है राजस्थान कांग्रेस के बरिष्ठ विधायक दयाराम परमार का सीएम गहलौत को लिखा  एक पत्र जिसमें उन्होंने खुद को मंत्री ना बनाए जाने को लेकर आपत्ति इस तरह से जाहिर की है कि वो सीएम गहलौत पर एक तंज के तौर पर देखी जा रही है, कांग्रेस विधायक दयाराम परमार ने सीएम अशोक गहलोत को लिखा, ‘ऐसा लगता है कि मंत्री बनने के लिए कुछ विशेष योग्यताओं की जरूरत होती है। कृपया मुझे बताएं कि वे योग्यताएं क्या हैं ताकि मैं भविष्य में मंत्री बनने के लिए उन्हें हासिल कर सकूं।’गौरतलब है कि दयाराम परमार के इस खत के बाद राजस्थान कांग्रेस की कलह खुलकर सामने आ गई है और पार्टी नेता जो अब ऑल इज वेल का राग अलापने लगे थे वो खुद विपक्ष और अपने ही विधायकों के निशाने पर आ गए हैं

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गहलोत के नए मंत्रिमंडल में 15 मंत्री, छह विधायकों को बनाया मुख्यमंत्री का सलाहकार

राजस्थान में सीएम गहलोत के नए मंत्रिमंडल का शपथग्रहण कार्यक्रम पूरा हो गया। कुल 15 मंत्रियों ने शपथ ली। लेकिन बताया जा रहा है कि इस फेरबदल से पहले मंत्रिपद ना मिलने से गहलोत गुट के कुछ विधायक नाराज हो गए हैं। कुछ विधायकों की नाराजगी के बीच राजस्थान में नए मंत्रिमंडल का शपथग्रहण पूरा हो गया। हालांकि खबर आई कि कुछ विधायक इससे नाराज हैं और सीएम गहलोत ने उन्हें ढांढस बधाया। राजभवन में कुल 15 मंत्रियों को वरिष्ठता के आधार पर शपथ दिलाई गई। सबसे पहले हेमाराम चौधरी ने शपथ ली। इस मंत्रिमंडल में पायलट खेमे से मुरारीलाल मीणा, बृजेंद्र सिंह ओला, हेमाराम चौधरी, रमेश मीणा और विश्वेंद्र सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली।

अब भी नाराजगी थमी नहीं( All is not well in Rajasthan congress),इस सरकार में सिर मुंड़ाते ही ओले पड़े( Senior MLA write a Pinching letter to Cm Gahlaut)

पायलट खेमे के पांच विधायकोंं को मौका दिया गया है। वहीं, तीन राज्य मंत्रियों का प्रमोशन कर उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। जानिए किस-किस विधायक ने आज शपथ ली और कौन किस खेमे से है। 

11 कैबिनेट मंत्री और चार राज्य मंत्री 

हेमाराम चौधरी ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। हेमाराम सचिन पायलट गुट के माने जाते हैं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं।

महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।

रामलाल जाट ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं रामलाल। कई बार विवादों में भी रह चुके हैं।

डॉ. महेश जोशी ने ली मंत्रिपद की शपथ। वह कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। राजस्थान कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते हैं। हवामहल विधानसभा से हैं विधायक। चीफ व्हिप की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। सीएम गहलोत के करीबी माने जाते हैं।

विश्वेंद्र सिंह ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। राजघराने से हैं और वरिष्ठ नेता माने जाते हैं।

रमेशचंद्र मीणा ने ली कैबिनेट मंत्री की शपथ। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं, दोबारा मंत्री बनाया गया है। सपोटरा से विधायक हैं।

ममता भूपेश बैरवा ने मंत्रिपद की शपथ ली।  सिकराय विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। महिला कांग्रेस की महासचिव भी रह चुकी हैं।

भजनलाल जाटव ने मंत्रिपद की शपथ ली। कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। वैर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

टीकाराम जूली ने ली कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ। अलवर ग्रामीण से विधायक हैं।

गोविंदराम मेघवाल ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। खाजूवाला से विधायक हैं। पूर्व संसदीय सचिव भी रह चुके हैं।

शकुंतला रावत ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। बानसूर से विधायक शकुंतला सीएम गहलोत के खेमे से हैं। महिला कांग्रेस की पूर्व महासचिव भी रह चुकी हैं।

बृजेंद्र ओला ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। झुंझुनू से विधायक हैं और सचिन पायलट खेमे से हैं। पहले भी मंत्री रह चुके हैं।

मुरारीलाल मीणा ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। दौसा से विधायक हैं। सचिन पायलट खेमे से हैं मीणा।

राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। उदयपुरवाली से विधायक राजेंद्र गुढ़ा पर्यटन मंत्री रह चुके हैं और गहलोत खेमे से हैं।

जाहिदा खान ने भी राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली। कामां से विधायक हैं जाहिदा। दूसरी बार मंत्री बनी हैं और गहलोत खेमे से हैं।

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इन तीन मंत्रियों का प्रमोशन

भजनलाल जाटव, टीकाराम जूली और ममता भूपेश बैरवा पिछले मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री थे और इस बार इन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। शनिवार को पूरे गहलोत मंत्रिमंडल ने अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इसके बाद रविवार को नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई गई।

छह विधायकों को मुख्यमंत्री गहलोत का सलाहकार नियुक्त किया

इस बीच राजस्थान में छह विधायकों को रविवार को मुख्यमंत्री का सलाहकार भी नियुक्त किया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी सूचना में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी सूचना के अनुसार कांग्रेस विधायक डॉ. जितेंद्र सिंह, राजकुमार शर्मा,  दानिश अबरार और निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर, संयम लोढ़ा, रामकेश मीणा को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है।

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हलांकि लम्बे अरसे से विस्तार की कयास लगा रहे राजस्थान के कई विधायकों को मंत्री की कुर्सी तो मिल गई है और अब राजस्थान में सभी 30 मंत्रियों का कोटा भी पूरा हो गया है लेकिन मौजूदा विस्तार के बाद विधायकों में नाराजगी खुलकर सतह पर आ गई है अब तक कुर्सी के लालच में जो विधायक अपनी चुप्पी साधे हुए थे वो खुलकर गहलौत के खिलाफ बोलने लगे हैं ऐसे में माना जा सकता है कि कांग्रेस के लिए राजस्थान का मसला एक बार फिर सिर मुंड़ाते ही ओले पड़े जैसी कहावत की तरह साबित हो रहा है

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अब भी नाराजगी थमी नहीं,इस सरकार में सिर मुंड़ाते ही ओले पड़े

भले ही राजस्थान कैबिनेट में विस्तार करके गहलौत और कांग्रेस ने ये दिखाने की कोशिश की हो कि उनके हिसाब से राजस्थान का मसला अब सुलझ गया है लेकिन हालिया मंत्रिमंड़ल विस्तार के बाद भी राजस्थान कांग्रेस की कलह अभी थमी नहीं है, इसकी तस्दीक कर रहा है राजस्थान कांग्रेस के बरिष्ठ विधायक दयाराम परमार का सीएम गहलौत को लिखा  एक पत्र जिसमें उन्होंने खुद को मंत्री ना बनाए जाने को लेकर आपत्ति इस तरह से जाहिर की है कि वो सीएम गहलौत पर एक तंज के तौर पर देखी जा रही है, कांग्रेस विधायक दयाराम परमार ने सीएम अशोक गहलोत को लिखा, ‘ऐसा लगता है कि मंत्री बनने के लिए कुछ विशेष योग्यताओं की जरूरत होती है। कृपया मुझे बताएं कि वे योग्यताएं क्या हैं ताकि मैं भविष्य में मंत्री बनने के लिए उन्हें हासिल कर सकूं।’

 

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