कांवड़ यात्रा(kanwar Yatra- 2021) पर सस्सपेंस बरकरार, 16 को SC( Supreme Court) में सुनवाई( Hearing), जानिए कोर्ट ने यात्रा को लेकर क्या कहा

भले ही लम्बी जद्दोजहद के बाद उत्तराखंड( uttrakhand) में कांवड़ यात्रा(Kanwar yatra-2021) रद्द कर दी गई हो, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार 9 Gov of UP) अभी भी कांवड़ यात्रा के पक्ष में है, इस बीच सुप्रीम कोर्ट  ( supreme Court) ने इस पूरे मामले का संज्ञान लिया है अब आगामी 16 जुलाई को इस बारे में सुनवाई( Hearing) होनी है….अब कोर्ट के रुख के बाद साफ हो जाएगा कि इस साल कांवड़ यात्रा होगी या नहीं 

 

कांवड़ यात्रा पर सस्पेंस बरकरार

 

कांवड़ यात्रा पर सस्पेंस बरकरार

उत्तराखंड सरकार कांवड़ यात्रा पर लगा चुकी है रोक

कांवड़ यात्रा जारी रखने के पक्ष में है य़ूपी सरकार

सुप्रीम कोर्ट ने लिया मामले का संज्ञान

16 जुलाई को होगी मामले की सुनवाई

SC ने उत्तराखंड सरकार, यूपी और केन्द्र सरकार से मांगा है जबाव

कोरोना की तीसरी लहर से चिंतित है SC

KHABARDAR Express...

 

आपको बता दें कि उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा में हर साल सावन में करोड़ों कांवड़िए हरिद्वार पहुंचते हैं. श्रद्धालु हरिद्वार से गंगा जल लेकर अपने गृह राज्य लौटते हैं. ये लोग भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए गंगा जल लेने आते हैं. ज्यादातर कांवड़िए यूपी, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल से आते हैं. 2019 में कोरोना से पहले करीब 5 करोड़ कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे थे.

 

मंगलवार देर शाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवङ यात्रा के संबंध में सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कोविड के डेल्टा प्लस वैरियेन्ट के पाये जाने, कोविड की तीसरी लहर की आशंका और देश-विदेश में इससे जानेवाले  गलत संदेश पर बारीकी से विचार-विमर्श किया गया। इस संबंध में विशेषज्ञों की राय पर भी विचार किया गया। जनता के जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने आगामी काँवड़ यात्रा  को स्थगित रखने का फैसला किया है

KHABARDAR Express...

मुख्यमंत्री(CM0 ने सचिव गृह( Sect Home Uk) और पुलिस महानिदेशक( DGP Police) को जरुरी कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। ये  भी निर्देश दिए कि पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्रवाई के लिए अनुरोध किया जाय, जिससे हम कोरोना माहामारी को रोकने में सफल हो सकें।

गौरतलब है कि आगामी 25 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होनी है। कोरोना की वजह से पिछले साल कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई थी। लेकिन इस बार यूपी सरकार ने कांवड़ यात्रा को अनुमति दे दी है, हालांकि अभी तक उत्तराखंड सरकार ने कावड़ यात्रा पर रोक लगाई हुई है।

KHABARDAR Express...

उत्तर प्रदेश सरकार ने जहां कांवड़ यात्रा को अनुमति दे दी है, वहीं एक्सपर्ट ने यात्रा को लेकर चेतावनी दी है। एक्सपर्ट्स ने चेताया है कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच कांवड़ यात्रा सुपरस्प्रेडर इवेंट के रूप में कुंभ मेले से पांच गुना अधिक खतरनाक साबित हो सकती है। एक्सपर्ट्स केमुताबिक, यात्रा में कुंभ मेले की तुलना में कोविड –19 संक्रमण फैलने का जोखिम अधिक है क्योंकि यात्रा करने वाले भक्तों की संख्या कुंभ में शामिल होने वालों की तुलना में काफी अधिक होने की संभावना है। पिछले वर्षों में कांवड़ यात्रा के लिए लोगों की संख्या 2 करोड़ से 5 करोड़ के बीच रही है।

KHABARDAR Express...

कांवड़ यात्रा को लेकर सीएम योगी ने की अधिकारियों से मीटिंग, शिव भक्तों का खास ख्यालरखने के दिए निर्देश

 

राज्य की सबसे बड़ी कोविड फैसिलिटी, दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपिरिटेंडेंट और कोविड केयर सेंटर कोऑर्डिनेटर डॉ एनएस खत्री ने कहा, ‘एक आदर्श स्थिति में इससे ( कांवड़ यात्रा) से बचना चाहिए क्योंकि उत्तराखंड ने अपना पहला डेल्टा-प्लस मामला पहले ही दर्ज कर लिया है।

पड़ोसी राज्यों से बातचीत के बाद होगा फैसला

 

चार धाम और कांवड़ यात्रा को लेकर अभी अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा पर फैसला पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश से बातचीत के बाद लिया जाएगा क्योंकि ज्यादातर कांवड़ इन्हीं राज्यों से आती हैं। वहीं, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए चार धाम यात्रा पर रोक लगा रखी है। हालांकि, राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है।

KHABARDAR Express...

यूपी सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह 25 जुलाई से कांवड़ यात्रा की अनुमति देगी। उत्तराखंड में तीरथ सिंह रावत के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले महीने के अंत में यात्रा रद्द कर दी गई थी। यह निर्णय कोविड –19 स्थिति की समीक्षा के बाद संकेत दिया गया था। बताया गया था कोरोना की मौजूदा परिस्थिति में तीर्थयात्रा की अनुमति देना समझदारी नहीं होगी।

 

हलांकि सुप्रीम कोर्ट (SC)ने इस मामले पर खुद ही संज्ञान लेकर इसके लिए नोटिस जारी किया गया है और दोनो सरकारों से जबाव मांगा है और शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई होगी. जस्टिस रोहिंटन नरीमन की खंड़पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी. कोरोना काल में उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई हैं, तो वहीं यूपी में शर्तों के साथ कांवड़ यात्रा को इजाजत दी गई है.

यूपी, उत्तराखंड और केंद्र को नोटिस देते हुए कोर्ट ने कहा, प्रधानमंत्री(PM) भी कोरोना ( Covit-19)की तीसरी लहर( Third wave) के प्रति लोगों को आगाह कर चुके हैं. ऐसे में हम संबंधित राज्य सरकारों( State gov) का रुख जानना चाहते हैं.

 

 

 

Author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *