हलारी गधी का दूध बचायेगा कोरोना से- वैज्ञानिक

आर सी ढौंड़ियाल

हिसार में शुरू होगी गधी के दूध की पहली डेयरी,1 लीटर दूध की कीमत होगी 7000 रुपऐ हिसार में शुरू होगी गधी के दूध की पहली डेयरी

 

आमतौर पर गधे को सबसे मूर्ख जानबर माना जाता है लेकिन अब ये कहावत पुरानी होनेवाली है क्योंकि हिसार का अश्व अनुसंधान केन्द्र की मेहनत रंगलाने वाली है जिससे अब हम गधे के नाम का इस्तेमाल किसी को चिढ़ाने या फिर किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं करीगे. लेकिन गधे की कई खासियते भी है अब हम आपको गधे की ऐसी खूबी के बारे मे बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे. और ये भी हो सकता है कि आप दाँतों तले अपनी उँगली दबा लें क्योंकि ये बात ही कुछ ऐसी है जी हाँ, आज तक आपने सिर्फ गाय या भैंस के दूध की डेयरी देखी होगी, लेकिन जल्दी ही हरियाणा के हिसार में गधी के दूध की भी डेयरी खुलने वाली है.

आप हैरान मत होइए, हमारे देश में पहली बार गधी का दूध भी बिकने वाला है और इस दूध का दाम देखकर आपको अब जोर का झटका लगने वाला है, जी हाँ गधी के एक लीटर दूध की कीमत होगी, 7000 रुपये, सात हजार रुपऐ, जल्दी ही गधी के दूध की डेयरी हिसार में शुरू होने वाली है. आपको बता दें कि गधी का दूध इंसानों के लिए न सिर्फ बेहद फायदेमंद होता है बल्कि शरीर का इम्यून सिस्टम ठीक करने में काफी बड़ी भूमिका निभाता है.इसके अलावा इस दूध से कई ब्यूटी प्रोडक्ट भी बनते हैं.

राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (एनआरसीई) हिसार में गधी के दूध की डेयरी शुरू होने जा रही है. एनआरसीई हिसार  में इस प्रोजेक्ट पर काम रहीं एनआरसीई की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर अनुराधा भारद्वाज का कहना है कि जल्दी ही हिसार में हलारी नस्ल की गधी के दूध की डेयरी शुरू होने जा रही है. जिसके लिए एनआरसीई ने 10 हलारी नस्ल की गधियों को पहले ही मंगा लिया हैं. फिलहाल इनकी ब्रीडिंग की जा रही है.

हलारी नस्ल की गधी के दूध को कामधेनु गाय की तरह बताया जा रहा है, और वैज्ञानिक इस दूध को दवाइयों का खजाना  बता रहे हैं . इसके दूध में कैंसर, मोटापा, ऐलर्जी जैसी बीमारियों से लड़ने की गजब की क्षमता बतायी जा रही है. गौरतलब है कि गधों की ये हलारी नस्ल गुजरात में पाई जाती है

वैज्ञानिकों का दावा है कि कई बार गाय, बकरी या भैंस के दूध से छोटे बच्चों को एलर्जी हो जाती है लेकिन हलारी नस्ल की गधी के दूध से एलर्जी होने की दूर- दूर तक भी संभावना नहीं है. वैज्ञानिकों ने अपने शोध में ये सभी तथ्य साबित किए है साथ ही हलारी गधी के दूध में एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी एजीन तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में कई गंभीर बीमारियों से लड़ने की ताकत को हमारे शरीर में पैदा करते हैं. अगर वैज्ञानिकों के दावे को सही माना जाय तो आनेवाले दिनो में देश के लिए ये खबर बडी राहतभरी हो सकती है इसकी बजह है कोरोना महामारी आज पूरी दुनिया को परेशान किए हुए है पूरी दुनिया कोरोना का तोड ढूँड़ रही है अगर गधी के दूध से इंसान की इम्यूनिटी बढसकती है तो आनेवाले समय में भारत के लिए गधों की हलारी नस्ल सोने की मुर्गी साबित हो सकती है इससे ना केवल देश के लोगों की इम्यूनिटी बढ़ सकती है बल्कि इसके दूध को निर्यात करके पैसा भी कमाया जा सकता है.

Author: admin

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