हरिद्वार नगर निगम की मनमर्जी उसी कम्पनी को दिया रोपवे का ठेका जिसने नगर निगम के देने हैं 123 करोड़

खबरदार ब्यूरो

हरिद्वार नगर निगम बोर्ड में इन दिनों निगम के एक फैसले से घमासान मचा हुआ है। मामला हरिद्वार में मनसा देवी के लिए रोपवे सेवा देने वाली कंपनी उषा ब्रेको से जुड़ा है। जिसके बाद विपक्ष के ही नहीं बल्कि, कांग्रेसी मेयर के विरोध मं खुद कांग्रेस के पार्षद भी उतर गए हैं……

KHABARDAR Express...

क्या हरिद्वार नगर निगम में बड़ा खेल हो गया है? क्या हरिद्वार नगर निगम में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार हो रहा है? दरअसल ये सवाल हम नहीं उठा रहे बल्कि नगर निगम के कई पार्षद भी इसकी शिकायत कर रहे हैं। हरिद्वार नगर निगम में मेयर कांग्रेस की अनीता शर्मा है…. लेकिन खुद कांग्रेस के ही पार्षद मेयर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उनकी शिकायत कर रहे हैं । दरअसल ये पूरा मामला हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर के लिए उषा ब्रेको नाम की कंपनी रोपवे सेवा देती है। जिसकी लीज अवधि अब खत्म हो युकी है। हाल ही में हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में बिना टेंडर निकाले ही उषा ब्रेको कंपनी को ही फिर से रोपवे संचालन का जिम्मा सौंप दिया गया। प्रस्ताव को बकायदा बोर्ड बैठक में पास कराया गया लेकिन ज्यादातर पार्षदों को ये फैसला नागवारा गुजरा है जिसकी वजह से निगम बोर्ड की बैठक काफी हंगामेदार रही। अब जो पार्षद इसके विरोध में हैं उन्होंने शहरी विकास सचिव, जिला अधिकारी और नगर आयुक्त से इस पूरे मामले की शिकायत कर जांच की मांग की है। खास बात ये है कि कांग्रेस की मेयर के सामने विरोध करने वाले पार्षद भाजपा के ही नहीं बल्कि कांग्रेस के भी हैं। पार्षद, मेयर और निगम बोर्ड पर कंपनी से सांठगांठ करके ठेका देने का आरोप लगा रहे हैं।

KHABARDAR Express...

जिस उषा ब्रेकों कंपनी पर नगर निगम के 123 करोड़ों रुपए बकाया चल रहे हो साथ ही कंपनी की लीज अवधि भी समाप्त हो गई हो। ऐसे में बिना टेंडर के कंपनी को दोबारा ठेका देना नगर निगम की कार्यशैली को सवालों के घेरे में खड़ा करता है। हालांकि हरिद्वार नगर निगम की मेयर अनीता शर्मा का कहना है कि जो भी निर्णय हुआ है वो निगम के हित में और जनहित में हुआ है। इसमें किसी भी तरह की कोई खामी नहीं है। विरोध करने वाले तो विरोध करते रहते हैं।

KHABARDAR Express...

हरिद्वार नगर निगम संसाधनों के अभाव और लचर व्यवस्थाओं की वजह से हमेशा से ही चर्चाओं में बना रहता है। हलांकि अब मेयर की तरफ से उषा ब्रेको कंपनी के बकाया भुगतान के लिए एक समिति बनाने की भी बात कही जा रही है। लेकिन बिना टेंडर के और जल्दबाजी में कंपनी को रोपवे सौपने का फैसला किसी के गले नहीं उतर पा रहा है।

Author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *