Sunday, May 9, 2021
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ये क्या हो रहा है हमारी 100 साल पुरानी पार्टी के नेतओं को !

हाल ही में देहरादून की पुलिस लाइन में पूर्व मुख्यमंत्री समेत अपने तमाम बरिष्ठ नेताओं के सामने हमारे देश की 100 साल पुरानी पार्टी के एक नेता द्वारा एक टीवी पत्रकार के साथ की गई बदसलूकी का मामला अभी ठंड़ा भी नही हुआथा कि आज एक बार फिर इसी पार्टी के एक नेता पर फिर गंभीर आरोप लगे हैं और खास बात ये है कि आरोप लगाने वाला शक्स खुद उनकी धर्म पत्नी है और मामला भी धर्म नगरी हरिद्वार से ही है, अगर ये मामला सही है तो जो धर्म नगरी सभी हिन्दुओं को संस्कार और धर्म की सीख देती वहाँ के एक 100 साल पुरानी पार्टी के बरिष्ठ नेता की ये हरकत कही से भी जायज नही ठहराई जा सकती है बल्कि आरोप लगना भी अपने आप में गंभीरता की तरफ इशारा करता है

हाल ही में देहरादून की पुलिस लाइन में पूर्व मुख्यमंत्री समेत अपने तमाम बरिष्ठ नेताओं के सामने हमारे देश की 100 साल पुरानी पार्टी के एक नेता द्वारा एक टीवी पत्रकार के साथ की गई बदसलूकी का मामला अभी ठंड़ा भी नही हुआथा कि आज एक बार फिर इसी पार्टी के एक नेता पर फिर गंभीर आरोप लगे हैं और खास बात ये है कि आरोप लगाने वाला शक्स खुद उनकी धर्म पत्नी है और मामला भी धर्म नगरी हरिद्वार से ही है क्योंकि यहाँ आराप लगाने वाला और कोई नहीं बल्कि खुद उनकी धर्म पत्नि है, अब जरा नेता जी पर लगे आरोपो से भी आपको रूबरू करा देते है तो इन नेता जी पर आरोप है कि इनके अपने घर में काम करने वाली बाई के साथ नाजायज सम्बन्ध है अब क्योकि आरोप नेताजी की पत्नि लगा रहीं हैं तो इन आरोंपो में दम तो लगता है हलाँकि नेता जी के रसूख की बजह से मामला थाने से वापस हो गया और इसमें एफ आई आर नहीं हुई इसके लिए नेताजी को घंटो थाने में ही बैठना पड़ा जब लगा कि अब मामला रफा दफा हो गया है तभी नेताजी थाने से बाहर निकले

हाल ही में देहरादून की पुलिस लाइन में पूर्व मुख्यमंत्री समेत अपने तमाम बरिष्ठ नेताओं के सामने हमारे देश की 100 साल पुरानी पार्टी के एक नेता द्वारा एक टीवी पत्रकार के साथ की गई बदसलूकी का मामला अभी ठंड़ा भी नही हुआथा कि आज एक बार फिर इसी पार्टी के एक नेता पर फिर गंभीर आरोप लगे हैं और खास बात ये है कि आरोप लगाने वाला शक्स खुद उनकी धर्म पत्नी हैदेवभूमि जो अपने संस्कार, अतिथि सत्कार और शांति के लिए जानी जाती है लगता है 100 साल पुराने नेता इसको अब नई पहचान दिलाने पर उतारू है लेकिन हैरानी वाली बात ये है कि काँग्रेस के बरिष्ठ नेताओं को ये मामले बड़े हलके लगते है इसीलिए अभी तक इन दोनो मामलों में पार्टी का अभी तक कोई औपचारिक वायान नहीं आया है मतलब साफ है कि पार्टी इन दोनों मामलों को बड़े हलके में ले रही है इसका खमयाजा हो सकता है बाद में पार्टी को बाद में भुगतना पड़े इसकी बजह है उत्तराखंड़ में इस तरह के वाकये कम ही देखने सुनने को मिलते हैं और ये दोनो मामले तो नेताओ के व्यवहार और चरित्र से जुड़े हैं जिनकी इनसे उम्मीद की जाती है कि ये दोनों ही इनके साफ सुथरे होगे अब गेंद पूरी तरह से काँग्रेस के बरिष्ठ नेताओं के पाले में है कि वो इनको सबक सिखाते हैं या इनकी हाँ में हाँ मिलाते हैं

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