तो फोर्थ क्लास से चल रहा था, उत्तर प्रदेश का सूचना विभाग

खबरदार डेस्क लखनऊ

हमारे शासन प्रशासन के अधिकारी अक्कसर किसी काम को लेकर अपनी मजबूरियाँ गिनाते दिखाई देते हैं लेकिन अगर मन में सचमुच कुछ अच्छा करने की की मंशा हो तो वो बिना किसी रोक टोक के की जा सकती है इन दिनो सोशल मीड़िया पर उत्तर प्रदेश के सूचना विभाग का एक आदेश खूब वाइरल हो रहा है जिसमें चार अपर सूचना अधिकारियो को डिमोशन करके चपरासी से लेकर चौकीदार और सिनेमा ऑपरेटर बना दिया गया है बजह है इन अधिकारियो के प्रमोशन गलत तरीकें से बताया जा रहा है  अमुमन सरकारी महकमों से इस तरह के आदेश बहुत कम ही देखने को मिलते हैं अगर मिलते हैं भी हैं तो केवल तब ही जब उस सूबे का मुखिया मजबूत इरादों वाला हो, हमारे देश को लालफीताशाही ने देश को इस कदर अपने मकड़जाल में जकड़ लिया है कि अधिकारी अपने हित में कानूनों को परिभाषित करते दिखायी देते है उत्तर प्रदेश के इतिहास में इस तरह के फैसले कम ही देखने को मिले थे अगर मिले भी तो साफ तौर पर देखा गया कि उस वक्त सूबे का मुखिया एक इमानदार शक्स था

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तो फोर्थ क्लास से चल रहा था, उत्तर प्रदेश का सूचना विभाग

  उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के इस ताजा आदेश पर गौर किया जाय तो साफ पता चलता है कि अधिकारियों की मनमानी के चलते कैसे चपरासी स्तर के कर्मियों को उन्होनें अपनी ऊँची पहुँच के बूते सूचना विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में अधिकारी बना डाला और वो लोग सालों साल से मजे से नौकरी कर रहे थे इस पूरे मामले में गौर करनेवाली बात ये है कि ये मामला उत्तर प्रदेश के लिए महज एक झलकी मात्र हो सकता है अगर सलीके से जाँच की जाय तो उत्तर प्रदेश सरकार के बाकी महकमों में भी इस तरह के कई मामले सामने आ सकते है लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने भले कोर्ट के आदेश पर ही कार्रवाई की हो लेकिन सरकार ने जो मंशा दिखाई है उससे साफ है कि इस तरह के भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में प्रदेश के मुखिया कतई भी ढील देने के मूड़ में नहीं है अगर आनेवाले समय में उत्तर प्रदेश में दो चार और मामलों में कार्रवाई होती है तो सूबे में लालफीता शाही के लिए वो एक सख्त संदेश होगा कि प्रदेश में अब भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा

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हाल के महीनों में यूपी के मुखिया ने जिस तरह के सख्त फैसले लेने की कोशिश की है उससे उनकी मंशा पर शक नहीं किया जा सकता है लेकिन ये भी सच है कि बर्षो से चले आ रहे सिस्टम के ढर्रे को आप रातों रात नहीं बदल सकते हो भले ही कोई कितने ही दावे करें कि वो सत्ता में आयेंगे तो ये कर देगें और वो कर देंगे ये एक कटु सच है कि इस देश में लाल फीता शाही ने अपनी जड़ों को इस कदर मजबूत किया हुआ है कि वो सरकार को गुमराह करने से भी बाज नहीं आते हैं और सरकार के मुखिया से भी अपने मन माफिक फैंसले करवा लेते हैं अब जनता के लिए एक ही रास्ता बचता है कि कोई इमानदार मुखिया उनके राज्य का नेतृत्व करें तभी उनका प्रदेश इमानदारी से आगे बढ़ सकेगा

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