Sunday, May 9, 2021
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जीरो टालरेंस में एक करोड़ की रिश्वत

खबरदार डेस्क

दिल्ली से आयी सीबीआईटीम ने उत्तराखंड़ में चकरौता के मूल निवासी एक रेलवे अधिकारी महेन्द्र सिंह चौहान को कल रात एक करोड़ की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया इस मामले में आरोपी के दो साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है गौरतलब है कि महेन्द्र सिंह पर एक करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप है इसके लिए आरोपी को सीबीआई ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है आरोपी अधिकारी एक रेलवे की फर्म से टेंड़र दिलाने के नाम पर एक करोड़ की रिश्वत की माँगकर रहा था आज जब सिश्वत की रकम के लिए जब इस अदिकारी को बुलाया गया तो सीबीआई की टीम ने उनको रंगे हाथों गिरफ्तार कर दिया सीबीआई की टीम कई दिनों से इस मामले पर नजर बनाये हुई थी

सीबीआई ने उत्तराखंड के चकराता के मूल निवासी में वरिष्ठ रेलवे अधिकारी महेंद्र सिंह चौहान को एक करोड़ की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद बसंत बिहार के आशीर्वाद एनक्लेव से लेकर चौहान के चकराता स्थित घर तक सीबीआई की टीमों ने रेड कर घर सर्च अभियान चलाया है।रेलवे में ये अभी तक कि सबसे बड़ी रिश्वत बताई जा रही है।आरोपी ने नॉर्दन ईस्टर्न फ्रंटियर रेलवेज में एक प्राइवेट कंपनी को करोड़ों रुपये दिलाने के एवज में अपने दो सहयोगियों की मदद से रिश्वत ली है। सीबीआई ने अफसर के दोनों कथित सहयोगी भी गिरफ्तार कर लिए हैं। रेलवे अधिकारी उत्खड से होने के दिल्ली सीबीआई ने देहरादून सीबीआई के साथ आरोपी के आशीर्वाद एनक्लेव घर और चकराता स्थित घर की तलाशी ली गई है। उत्तराखंड के देहरादून जिले के चकराता का अफसर रहने वाला 1985 बैच का रेलवे अधिकारी दिल्ली में तैनात है। आरोप है कि इस अधिकारी ने एक प्राइवेट कंपनी के साथ सांठगांठ कर करोड़ों का काम दिलाने की योजना बनाई। इसके एवज में आरोपी ने कंपनी संचालकों से अपने दो सहयोगियों की मदद से 1 करोड़ की रिश्वत ली। सीबीआई ने रिश्वत के साथ आरोपी अधिकारी और दोनों सहयोगियों को भी पकड़ लिया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। इसके बाद सीबीआई ने अलग अलग टीमें बनाते हुए आरोपी अधिकारी और सहयोगियों के 20 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की। इधर, देहरादून में भी दिल्ली सीबीआई की टीम ने आरोपी अधिकारी के घर और करीबियों के यहां छापेमारी की गई है।सीबीआई एसपी चक्रपाणि ने इसकी पुष्टि की है।

आपको बता दें कि ये वही रेलवे विभाग है जिसने अपने ही एक इमानदार अधिकारी को भ्रष्टाचार के गलत आरोपो की वजह से आत्महत्या को मजबूर कर दिया था और पंडितवाड़ी निवासी सुनील बलूनी को साल 2014 में रेलवे की दिल्ली विजलेंस ने रिश्वत लेते पकड़ा था। जिसके कुछ दिनों बाद सनील बलूनी ने आत्म हत्या कर दी थी  तब आरोप लगे थे कि सुनील को दलालों ने फंसाया है।

सुनील रेलवे में अकाउंट ऑफिसर के पद पर तैनात थे। रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद से सुनील सस्पेंड चल रहे थे। यह हादसा हरिद्वार लिंक एक्सप्रेस से हुआ।

लंबे समय से ट्रेनों से बड़ी संख्या में सामान बिना माल भाड़ा चुकाए धड़ल्ले से इधर से उधर पहुंच रहा है। दलालों के जरिए सामान स्टेशन से पार कर टैक्स चोरी भी हो रही है। दलालों की सक्रियता की शिकायतों के बाद दिल्ली, मुरादाबाद से रेलवे विजिलेंस ने दून स्टेशन पर डेरा डाला था इसी क्रम में विजिलेंस ने बेटिकट और टैक्स चोरी का सामान स्टेशन से पार कराने में संलिप्त अकाउंट अफसर सुनील पर शिकंजा कसा था। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस को कई सबूत भी मिले थे। सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस ने स्टेशन के कुछ और लोगों को भी चिह्नित किया है। इनका दलालों से सीधा संपर्क बताया जाता है। इनका रेलवे से लेकर वाणिज्य कर और दलालों तक बड़ा नेटवर्क है। विजिलेंस टीम नेटवर्क में शामिल बाकी लोगों पर शिकंजा कसने को गोपनीय ढंग से सूचनाएं जुटा रही है।

 इस पूरे मामले से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मोदी के जीरो टॉलरेंस के जमाने में भी केन्द्र सरकार के महकमों की अभी भी हिमाकत हो पा रही है कि वो करोड़ों की रिश्वत लेने से बाज नही आ रहे हैं ये कोई पहला मामला नहीं है जो सामने आया हो या यूँ कहे कि ये मामला तो पकड में आ गया इस लिए इसपर कार्रवाई हो गई लेकिन ऐसे ही कई मामले होगें जिन पर कार्रवाई ना होने के चलते भ्रष्ट अधिकारी अभी भी चाँदी काट रहे होगें इसके लिए सरकार को और सभी महकमों को गम्भीरता से विचार करना होगा जिससे प्रधान मंत्री मोदी के जीरो टॉलरेंस मिशन को पलीता ना लगे दिल्ली

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