चुनाव से पहले उत्तराखंड बीजेपी में कौन होगा जरूरी….

देहरादून

बीजेपी हमेशा नए प्रयोगों के लिए जानी जाती है खासकर उत्तराखंड के पिछले बीस सालों का इतिहास खंगोला जाय तो ये बात पुख्ता भी होती है जब पार्टी ने एक गैर पहाड़ी चेहरे को सूबे का पहला सी एम बनाया था फिर बी सी खंडूड़ी के समय का मामला और चुनाव से ठीक पहले खंडूड़ी है जरूरी, यानि जब खंडूड़ी को हटाना था तीन साल बाद फिर वो जरूरी कैसे हो सकते हैं

अब बात हालिया फैसले की ये तो सबको मालूम ही होगा त्रिवेंद्र रावत ज़ीरो टॉलरेंस पर काम कर रहे थे और वो दिख भी रहा था उन्होंने सभी दलाल किस्म के लोगों की दुकान बंद कर दी थी अचानक वो भी चलते सत्र के बीच बदल दिया और आज तक पार्टी ने उनको हटाने की असल बज ह नहीं बताई कोई बात नहीं, नए सी एम तीरथ क्या त्रिवेंद्र से बेहतर काम कर रहे हैं नहीं वो तो काम से ज्यादा अपने बीबा दित बोलों से चर्चा में हैं और एक फैसला लेते हैं अगले दिन बदल देते हैं

सुना है इन सब बातों से आरएसएस नाराज है पिछले दिनों हरिद्वार में मोहन भागवत की त्रिवेंद्र रावत से मुलाकात हुई थी जिसमें त्रिवेंद्र ने उनको हटाने कि बज ह पूछी थी मीटिंग भी लंबी चली थी, उसके बाद पार्टी की कोर कमेटी की कई बैठकें हो चुकी हैं अभी दो दिन पहले भी हुई थी उसके बाद राष्ट्रीय मंत्री संगठन का उत्तराखंड दौर आपको बता दें बीजेपी में संगठन महामंत्री आरएसएस से होते हैं पार्टी के नहीं, ये सब ये बताने के लिए काफी है कि पार्टी अंदर खाने कुछ सोच रही है और जल्दी ही निर्णय भी ले सकती है और वो फैसला भी चौंकाने वाला हो सकता है अब इंतजार सितं अक्टूबर तक का है अभी तीरथ जी को चुनाव भी लड़ना है और सीट भी तय नहीं है अभी के कामकाज लिहाज से तीरथ की राह आसान नहीं दिखती ये आरएसएस और पार्टी भी जानती है ऐसे में आरएसएस के लोगों के उत्तराखंड के दौरे इन कयासों को और मजबूत करते हैं

Author: admin

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