काँग्रेस के अध्यक्ष पद को लेकर CWC में बवाल

आर सी ढौड़ियाल

कांग्रेस कार्यसमिति यानी CWC की बैठक में जमकर बवाल, राहुल के आरोपों पर भड़के गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर वह किसी भी तरह से भाजपा से मिले हुए हैं, तो वह अपना इस्तीफा दे देंगे. आजाद ने कहा कि चिट्ठी लिखने की वजह कांग्रेस की CWC थी. न कि पार्टी को बदनाम करने की कोई साजिश साथ ही उन्होंने ये भी जोडा कि इतने सालों से वो काँग्रेस की सेवा कर रहे हैं और उन्होंने काँग्रेस में रहकर कई बुरे दौर देखे हैं लेकिन वो हमेशा पार्टी के साथ बने रहे इस बफादारी का ये इनाम कतई भी नही हो सकता है कि मैं बीजेपी से मिला हुआ हूँ

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में ओल्ड गार्ड बनाम यंग गार्ड की लड़ाई तेज हो रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बैठक में आरोप लगाया है कि जिन्होंने इस वक्त चिट्ठी लिखी है वो भारतीय जनता पार्टी से मिले हुए हैं. इस पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता खफा हैं और पलटवार कर रहे हैं. हालात ये हो चुके हैं कि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने CWC की बैठक के दौरान ही ट्वीट किया. ये वही कपिल सिब्बल हैं जिनको UPA की सरकार में सबसे ज्यादा भरोसेमंद माना जाता था और कई बार साकार में उनके कद को बढाया गया था सिब्बल को उस वक्त सरकार का संकटमोचक समझा जाता था आलम ये था कि अन्ना आंदोलन के दौरान वो ही सरकार का पक्ष रखाकरते थे और सरकार को हर संकट से बचाने के लिए सिब्बल फ्रंट फुट पर रहते थे उस वक्त कपिल सिब्बल राहुल गाँधी के सबसे ज्यादा भरोसेमंद सिपाही के तौर पर गिने जाते थे

कपिल सिब्बल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि राहुल गांधी कह रहे हैं हम भारतीय जनता पार्टी से मिले हुए हैं. मैंने राजस्थान हाईकोर्ट में कांग्रेस पार्टी का सही पक्ष रखा, मणिपुर में पार्टी को बचाया. पिछले 30 साल में ऐसा कोई बयान नहीं दिया जो किसी भी मसले पर भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाए. फिर भी कहा जा रहा है कि हम भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं.

इसके अलावा बैठक में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर वह किसी भी तरह से भाजपा से मिले हुए हैं, तो वो फौरन ही अपना इस्तीफा दे सकते हैं . आजाद ने कहा कि चिट्ठी लिखने की वजह कांग्रेस की कार्यसमिति थी.

आपको बता दें कि कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आजाद उन 23 नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने कांग्रेस वर्किंग कमेटी से पहले चिट्ठी लिखी थी. चिट्ठी में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े किए गए और कहा गया कि इस वक्त एक ऐसे अध्यक्ष की मांग है कि जो पूर्ण रूप से पार्टी को वक्त दे सके.

सोमवार को हुई इस बैठक में इस चिट्ठी को लेकर काफी विवाद हुआ, बिवाद को बढता देखकर  सोनिया गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी है. हालांकि, कई वरिष्ठ नेताओं ने ऐसा करने से इनकार किया. साथ ही चिट्ठी लिखने वालों पर राहुल गांधी जमकर बरसे और उन्होंने इसकी टाइमिंग पर सवाल खड़े कर दिए. CWC मीटिग में इस बार भी वही हालात बन चुके है जैसे नरसिंम्माराव के पीएम रहते काँग्रेस के अध्यक्ष के चुनाव के वक्त बने थे उस दौरान भी काँग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने खुद अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कर दिया था इनमें राजेश पायलट, माधवराव सिंधिया जितेंन्द्र प्रसाद ने खुलकर CWC की बैठक में इस बात का विरोध किया था और काँग्रेस अधेयक्ष का चुनाव पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से कराने की मांग की थी

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