उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल बरसात में चार किलोमीटर कंधे में लाना पड़ा मरीज को

खबरदार ब्यूरो

चमोली / उत्तराखंड

भारी बारिश में कुर्सी के सहारे बीमार को 4 किमी लाये डंडी पर
कर्णप्रयाग विकासखण्ड के कुण्डडुंगरा गाँव के 65 वर्षीय दलवीर सिंह की तबियत बिगड़ने पर ग्रामीणों के द्वारा बुजुर्ग को कुर्सी के सहारे कंधे में ले जाकर भारी बारिश में4 किमी पैदल सड़क तक ले जाना पड़ा। जिसके बाद बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहा बुजुर्ग का इलाज चल रहा है।
कर्णप्रयाग विकासखण्ड के कपीरी पट्टी के छ: से अधिक गांवो को जोड़ने वाला स्वीकृत डिम्मर- किमधार मोटर मार्ग 10 किमी वर्ष 2017 में स्वीकृत हो गया था। मोटर मार्ग के बनने से बणसोली, सुमल्टा,स्वर्का, कुनेथ, कुण्डडुंगरा, किमधार आदी लोगो को लाभ मिलना था। लेकिन आज तक उक्त मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू नही हो पाया है। जिससे कि आज भी ग्रामीणों को 8 से 10 किमी पैदल चलना पड़ता है। ग्रामीण पुष्कर रावत ने बताया कि शुक्रवार देर शाम को कुण्डडुंगरा के दलबीर सिंह की तबियत बिगड़ गई थी। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा कुर्सी को रस्सी से बांधकर बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया। वही सुबह से हो रही तेज बारिश के चलते ग्रामीणो को बीमार व्यक्ति को सडक तक लाने में काफी परेशानी हुई। वही जब बुजुर्ग को कर्णप्रयाग अस्पताल ले जाया गया तो वहां की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को देखते हुए ग्रामीन बुजुर्ग को रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल ले गए। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वे सड़क की माग करते आ रहे है लेकिन आज तक सड़क का लाभ नही मिल सका। जबकि सत्ता में बैठी डबल इंजन की सरकार गाँव गाँव सड़क पहुचाने के बड़े बड़े दावे करते है।चमोली / उत्तराखंड *भारी बारिश में कुर्सी के सहारे बीमार को 4 किमी लाये डंडी पर* एंकर / विजुअल – कर्णप्रयाग विकासखण्ड के कुण्डडुंगरा गाँव के 65 वर्षीय दलवीर सिंह की तबियत बिगड़ने पर ग्रामीणों के द्वारा बुजुर्ग को कुर्सी के सहारे कंधे में ले जाकर भारी बारिश में4 किमी पैदल सड़क तक ले जाना पड़ा। जिसके बाद बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहा बुजुर्ग का इलाज चल रहा है। कर्णप्रयाग विकासखण्ड के कपीरी पट्टी के छ: से अधिक गांवो को जोड़ने वाला स्वीकृत डिम्मर- किमधार मोटर मार्ग 10 किमी वर्ष 2017 में स्वीकृत हो गया था। मोटर मार्ग के बनने से बणसोली, सुमल्टा,स्वर्का, कुनेथ, कुण्डडुंगरा, किमधार आदी लोगो को लाभ मिलना था। लेकिन आज तक उक्त मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू नही हो पाया है। जिससे कि आज भी ग्रामीणों को 8 से 10 किमी पैदल चलना पड़ता है। ग्रामीण पुष्कर रावत ने बताया कि शुक्रवार देर शाम को कुण्डडुंगरा के दलबीर सिंह की तबियत बिगड़ गई थी। ऐसे में ग्रामीणों द्वारा कुर्सी को रस्सी से बांधकर बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया। वही सुबह से हो रही तेज बारिश के चलते ग्रामीणो को बीमार व्यक्ति को सडक तक लाने में काफी परेशानी हुई। वही जब बुजुर्ग को कर्णप्रयाग अस्पताल ले जाया गया तो वहां की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को देखते हुए ग्रामीन बुजुर्ग को रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल ले गए। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वे सड़क की माग करते आ रहे है लेकिन आज तक सड़क का लाभ नही मिल सका। जबकि सत्ता में बैठी डबल इंजन की सरकार गाँव गाँव सड़क पहुचाने के बड़े बड़े दावे करते है।

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