अब इस प्रदेश में लगी ESMA सरकारी कर्मी नहीं कर सकेंगे हड़ताल

ESMA in UP उत्तर प्रदेश में अगले छह महीने सरकारी कर्मचारी नहीं कर सकेंगे हड़ताल,लगाया गया एस्मा

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर कम होते प्रभाव तथा आशंकित तीसरी लहर की तेयारी के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए उत्तर प्रदेश की सरकार ने एस्मा (असेंशियल सर्विसेस मेंटेनेन्स एक्ट) को छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है ये निर्णय सरकार ने संभावित स्वास्थ्य तथा ऊर्जा विभाग की हड़ताल को देखते हुए लिया गया

उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साल नवंबर 2020 में छह महीने के लिए भी एस्मा लगाया था. इस कानून लो लगाने का मकसद सरकारी कामों में किसी तरह की बाधा ना आए, इसलिए इसे लगाया गया है.

KHABARDAR Express...

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस एक्ट को छह महीने तक और बढ़ाने के प्रस्ताव को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजा था जिस पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की भी मंजूरी मिल गई है।और प्रदेश में लागू एस्मा को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है।
अब इस धिनियम के तहत अगले छह महीने तक प्रदेश में हड़ताल पर पाबंदी बरकरार रहेगी। अब उत्तर प्रदेश में कोई भी सरकारी कर्मी, प्राधिकरण कर्मी या फिर निगम कर्मी छह महीने तक हड़ताल नहीं कर सकता। और एस्मा को लेकर अपर मुख्य सचिव कार्मिक ने आदेश भी जारी कर दियें गये है

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एस्मा (असेंशियल सर्विसेस मेंटेनेन्स एक्ट) क्या होता है

एस्मा को संकट की घड़ी में कर्मचारियों के हड़ताल को रोकने के लिए ये कानून बनाया गया था.राज्य सरकार या केंद्र सरकार इस कानून को अधिकतम छह महीने के लिए लगा सकती है. एस्मा संसद द्वारा पारित अधिनियम होता है|इसको लागू 1968 में किया गया था,राज्य सरकार या केंद्र सरकार के इस कानून को लगाने के बाद यदि कोई भी कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं वो कर्मचारी अवैध और दंडनीय की श्रेणी में आता है. एस्मा का उल्लंघन करने पर कर्मचारी को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है.ESMA in UP उत्तर प्रदेश में अगले छह महीने सरकारी कर्मचारी नहीं कर सकेंगे हड़ताल,लगाया गया एस्मा उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर कम होते प्रभाव तथा आशंकित तीसरी लहर की तेयारी के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए उत्तर प्रदेश की सरकार ने एस्मा (असेंशियल सर्विसेस मेंटेनेन्स एक्ट) को छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है ये निर्णय सरकार ने संभावित स्वास्थ्य तथा ऊर्जा विभाग की हड़ताल को देखते हुए लिया गया उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साल नवंबर 2020 में छह महीने के लिए भी एस्मा लगाया था. इस कानून लो लगाने का मकसद सरकारी कामों में किसी तरह की बाधा ना आए, इसलिए इसे लगाया गया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस एक्ट को छह महीने तक और बढ़ाने के प्रस्ताव को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजा था जिस पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की भी मंजूरी मिल गई है।और प्रदेश में लागू एस्मा को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब इस धिनियम के तहत अगले छह महीने तक प्रदेश में हड़ताल पर पाबंदी बरकरार रहेगी। अब उत्तर प्रदेश में कोई भी सरकारी कर्मी, प्राधिकरण कर्मी या फिर निगम कर्मी छह महीने तक हड़ताल नहीं कर सकता। और एस्मा को लेकर अपर मुख्य सचिव कार्मिक ने आदेश भी जारी कर दियें गये है एस्मा (असेंशियल सर्विसेस मेंटेनेन्स एक्ट) क्या होता है एस्मा को संकट की घड़ी में कर्मचारियों के हड़ताल को रोकने के लिए ये कानून बनाया गया था.राज्य सरकार या केंद्र सरकार इस कानून को अधिकतम छह महीने के लिए लगा सकती है. एस्मा संसद द्वारा पारित अधिनियम होता है|इसको लागू 1968 में किया गया था,राज्य सरकार या केंद्र सरकार के इस कानून को लगाने के बाद यदि कोई भी कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं वो कर्मचारी अवैध और दंडनीय की श्रेणी में आता है. एस्मा का उल्लंघन करने पर कर्मचारी को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है.

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